चिंताजनक: सितंबर में मॉनसून और कमजोर पड़ने का अनुमान, आईएमडी ने सामान्य से कम बारिश की दी चेतावनी
नई दिल्ली (आरएनएस)। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सितंबर में मॉनसून और कमजोर पड़ सकता है. इसका मतलब है कि देश में सामान्य से कम बारिश होगी. यह अनुमान अगस्त में बारिश के कमजोर संकेतों के बाद लगाया गया है. अगस्त का महीना अब खत्म होने को है, जिससे देश भर के किसानों और बारिश पर निर्भर इलाकों के लिए चिंता बढ़ गई है.
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव के अनुसार अगले दो हफ़्तों में जिसमें सितंबर के शुरुआती दिन भी शामिल हैं – बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. उन्होंने कहा कि मौसम का यह बदलता पैटर्न खासकर खरीफ की फसलों के लिए अहम हो सकता है, क्योंकि ये फसलें समय पर और पर्याप्त मॉनसून बारिश पर बहुत ज़्यादा निर्भर करती है.
फसल के विकास के अहम चरणों के दौरान खासकर खरीफ फसलों के लिए किसानों को पर्याप्त नमी की जरूरत होती है. अगर आने वाले हफ़्तों में बारिश कम रहती है, तो संवेदनशील इलाकों में खेती की पैदावार पर दबाव पड़ सकता है. एक और चिंता यह है कि अगर बाद में बारिश बेहतर भी हो जाए, तो बर्बाद हुए समय की वजह से सितंबर का महीना खेती के लिए मुश्किल भरा हो सकता है.
मौसम विशेषज्ञों ने पहले ही अल नीनो की संभावना के बारे में चेतावनी दी थी और अनुमान लगाया था कि इस साल बारिश सामान्य से कम हो सकती है. अब इसका असर दिखने लगा है. अगले दो हफ़्तों में यानी 2 सितंबर तक बारिश बहुत कम होने की उम्मीद है.
मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि आईओडी पॉजिटिव फेज में आ जाएगा, जिससे बारिश में मदद मिल सकती थी लेकिन अब तक यह न्यूट्रल ही बना हुआ है. इसका मतलब है कि हिंद महासागर अभी मॉनसून को मजबूत करने के लिए जरूरी अनुकूल हालात नहीं बना पा रहा है. इससे यह चिंता बढ़ रही है कि आने वाले हफ़्तों में बारिश कम हो सकती है.
उत्तर-पश्चिम भारत में राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अपेक्षाकृत कम या छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है. मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भारी बारिश की संभावना है.
पूर्वी इलाके में बारिश का कारण गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा और झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र है. 24 अगस्त को ओडिशा, झारखंड, बिहार और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर या छिटपुट बारिश के साथ-साथ कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है.
अगर बिहार की बात करें, तो इस राज्य में अब तक इस मॉनसून में सामान्य से लगभग 42 फीसदी कम बारिश हुई है. इस दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां ज़्यादा रहने की उम्मीद है. असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं या छिटपुट भारी बारिश हो सकती है.
24 अगस्त को तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. हालांकि, 25-26 अगस्त को नीलगिरी और कोयंबटूर के घाट इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी भारत में बारिश की गतिविधि मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की तुलना में काफी कम है.
गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में अपेक्षाकृत कम बारिश होने की उम्मीद है. मुख्य रूप से हल्की से मध्यम या कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. इस मॉनसून में महाराष्ट्र सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य रहा है. फिलहाल, राज्य में अगले दो हफ़्तों तक सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.
24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम सक्रिय रहने की उम्मीद है, जबकि 24 से 25 अगस्त के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है.

