खुलासा: डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में गुपचुप तरीके से क्यों बदला विमान? वजह आई सामने
वाशिंगटन(RNS)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले महीने अपनी तुर्की यात्रा के दौरान आधिकारिक विमान की जगह एक दूसरे विमान से लौटे थे। पहले वे अपने आधिकारिक विमान में ही सवार हुए थे, लेकिन बाद में गुपचुप तरीके से विमान बदल लिया था। अब इसकी वजह सामने आई है। 2 अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप के विमान पर ईरान के मिसाइल हमले के खतरे को देखते हुए ये कदम उठाया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, 2 अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान विमान पर संभावित मिसाइल हमले की धमकी के चलते ट्रंप ने विमान बदला था।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया कि ट्रंप को ले जा रहे विमान पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ये भी कहा गया कि नाटो शिखर सम्मेलन स्थल के पास एक व्यक्ति को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल के साथ देखा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी से यह भी संकेत मिला कि ईरान को पता था कि ट्रंप अंकारा में कहां ठहरे हुए थे। यहां तक कि ईरान को होटल की उस मंजिल के बारे में भी पता था, जहां ट्रंप रुके थे।
इस खतरे को गंभीर मानते हुए ट्रंप की सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने बेहद गुपचुप तरीके से विमान बदलने की योजना बनाई, जिसे अब खुद ट्रंप ने भी स्वीकार किया है।
ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने तुर्की गए थे। 8 जुलाई को अंकारा से लौटते समय वे बोइंग 747-8 एयर फोर्स वन में सवार हुए थे। हालांकि, ये केवल एक दिखावा था।
इसके बाद ट्रंप को एक खाने के कंटेनर के जरिए इस विमान से ले जाकर दूसरे सैन्य विमान सी-32ए में बैठाया गया। ये विमान उन्हें तुर्की से ब्रिटेन लेकर गया।
ये संभावित ईरानी हमलावरों को चकमा देने के लिए किया गया था।
बाद में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वे जिस विमान से नाटो सम्मेलन में हिस्सा लेने गए थे उस पर हमले का सबसे ज्यादा खतरा था।
उन्होंने कहा, अगर कोई हमला होता तो उसी विमान को निशाना बनाया जाता। मैं वही करता हूं, जो सुरक्षा एजेंसियां कहती हैं। मुझे लगता है कि वहां कोई खतरा था। मैंने इसके बारे में ज्यादा पूछताछ नहीं की। मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती हैं।

