आफ़त:भू-स्खलन से सिमली-अल्मोड़ा हाईवे 150 मीटर तक बंद, क्षेत्र में नहीं पहुंच पाया जरूरी सामान

आफ़त:भू-स्खलन से सिमली-अल्मोड़ा हाईवे 150 मीटर तक बंद, क्षेत्र में नहीं पहुंच पाया जरूरी सामान
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चमोली(आरएनएस)।  पिंडरघाटी में लगातार हो बारिश के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुधवार रात आमसौड़ में हुए भूस्खलन से सिमली-ग्वालदम हाईवे 150 मीटर से अधिक हिस्से पर बंद हो गया। यहां कई बस फंस गईं। इस कारण पिंडरघाटी सहित कुमाऊं तक की आवाजाही बंद हो गई। क्षतिग्रस्त हिस्से में पैदल आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। इससे घाटी में दूध, फल, सब्जियां और अखबार जैसे जरूरी सामान नहीं पहुंच पाए हैं।सिमली-अल्मोड़ा हाईवे से बागेश्वर, अल्मोड़ा सहित कुमाऊं और पिंडरघाटी के नारायणबगड़, थराली और देवाल विकासखंडों के लिए आवागमन होता है। बुधवार रात की बारिश से आमसौड़ में पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। इससे बृहस्पतिवार सुबह से इस राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही थमी रही। पिंडरघाटी और कुमाऊं के देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए जाने वाली छह से अधिक लंबी दूरी की बस सेवाएं यहां फंसी रही। दोपहर बाद कई लोग अपने घरों को चले गए। वहीं कर्णप्रयाग की ओर से कुमाऊं जाने वाले कई लोग आदिबदरी, गैरसैंण, चौखुटिया होते हुए रवाना हुए जबकि पिंडरघाटी जाने वाले लोग आमसौड़ से वापस सिमली, कर्णप्रयाग पहुंचे। बीआरओ के अभियंता आरके सिंह ने बताया कि हाईवे के दोनों छोरों से बोल्डर हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। हालांकि बारिश के कारण हाईवे खोलना जोखिम भरा बना है। मौसम ने साथ दिया तो जल्द यातायात बहाल कर दिया जाएगा।

पोल बजे, पिंडरघाटी की बिजली गुल
नारायणबगड़। आमसौड़ में भूस्खलन जोन में पिंडरघाटी की 33 केवी बिजली की हाईटेंशन लाइन के तीन पोल बह गए हैं जिस कारण पिंडरघाटी के तीनों ब्लॉकों की बिजली आपूर्ति ठप है। ऊर्जा निगम के अभियंता हेमंत चमोली ने बताया कि क्षतिग्रस्त हाइटेंशन लाइन को ठीक किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाईवे बंद होने के कारण मरम्मत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। बीआरओ हाईवे खोलने में जुटा हुआ है। जेई हेमंत चमोला ने बताया कि हाईवे के कारण मरम्मत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।

मार्ग बना संकरा, नहीं हो रही आवाजाही
कर्णप्रयाग। नैनीसैंण मार्ग तीसरे दिन शाम को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया था लेकिन मार्ग संकरा होने के चलते अभी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। बुधवार रात्रि को हुई भारी बारिश के चलते अलग-अलग स्थानों में सड़कें बंद पड़ी हैं। ऐसे में चट्टान काटने में लगे ब्रेकर को अन्य सड़कों को खोलने में भेज दिया है। वहीं बृहस्पतिवार को दिनभर बारिश होने के कारण मार्ग नहीं खोला जा सका। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि शुक्रवार से फिर से काम शुरू हो जाएगा। वहीं बारिश के चलते कर्णप्रयाग- नौटी स्टेट हाईवे जाख, कोली आदि स्थानों में बंद रहा।

जिलासू में भूस्खलन से सड़क चार दिन से बंद
जिलासू। तहसील के उत्तरों और बगड़ क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क चार दिनों से बंद है। बोल्डर और मलबा आने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थानीय खुशाल सिंह ने बताया कि उन्हें दवा लेने जाना था लेकिन सड़क बंद होने के कारण नहीं जा पाए। वहीं संतोष रावत का कहना है कि भूस्खलन से उनके मकान घर को खतरा बना है। है। लोक निर्माण विभाग द्वारा भेजी गई छोटी मशीन से बोल्डर नहीं हट रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बड़ी मशीनें लगाकर सड़क जल्द खोलने की मांग की।

भारी बारिश से भू-धंसाव
गैरसैंण। लगातार भारी बारिश से न्याय पंचायत मेहलचौंरी और कुनीगाड़ क्षेत्र में भू-धंसाव से कई मकान, गोशालाएं और मोटर मार्ग खतरे की जद में आ गए हैं, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई है। कनिष्ठ उपप्रमुख लीलाधर जोशी ने बताया कि मलबे से हीरा वल्लभ, आलम सिंह, खीमसिंह और हरी सिंह के मकान व गोशाला को खतरा है। मुख्य बाजार के पास पुश्ता ढहने से भी भवन खतरे में हैं। कफलोड़ी-पैठाणी मोटर मार्ग (घंडीयालधार) का आधा हिस्सा धंसने लगा है जिससे हर्षपति प्रसाद का मकान खतरे में है। वहीं, आदिबदरी के तोप गांव में सुरेंद्र सिंह कनवासी का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है जिसकी सूचना प्रधान सपना सगोई ने दी है। उप जिलाधिकारी अबरार अहमद ने राहत कार्य जारी होने की बात कही है और तहसीलदार हरीश चंद्र पांडे ने मौके पर तिरपाल लगवाने व नाली बनाने के निर्देश दिए हैं।

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