हालात: गुलदार पकड़े जाने के बाद लौट गए दोनों शूटर, ख़ौफ़ बरकरार, पहरे में स्कूल पहुंचे बच्चे

हालात: गुलदार पकड़े जाने के बाद लौट गए दोनों शूटर, ख़ौफ़ बरकरार, पहरे में स्कूल पहुंचे बच्चे
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कोटद्वार(आरएनएस)।  नैनीडांडा ब्लॉक के सल्ड महादेव के पास के गांव बणासी में एक गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद भी ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। सोमवार को स्कूल खुलने पर अभिभावक बच्चों को खुद छोड़ने और लेने पहुंचे। वहीं, मृतका सुशीला देवी के बड़े बेटे दिनेश ने सोमवार तड़के गांव के नीचे एक अन्य गुलदार दिखाई देने और गुर्राने की आवाज सुनने की बात वन कर्मियों को बताई। गांव में वन कर्मियों की गश्त जारी है। गांव में तैनात वन विभाग के शूटर लौट गए हैं। वन विभाग ने पिंजरे में कैद गुलदार के डीएनए सैंपल जांच के लिए डब्लूआईआई देहरादून की प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र और समाजसेवी अरविंद सिंह नेगी ने बताया कि रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे ग्रामीणों ने घटनास्थल के आसपास गुलदार के गुर्राने की आवाजें सुनीं। सोमवार सुबह दिनेश सिंह बिष्ट ने गांव के नीचे गुलदार दिखाई देने की सूचना दी। सोमवार को स्कूल खुलने पर बच्चों को अभिभावक स्वयं कलिंगाखाल स्कूल छोड़ने और वापस लेने पहुंचे। उधर, दीवा रेंज के रेंजर सुभाष चंद्र घिल्डियाल ने बताया कि गांव में दोबारा गुलदार दिखाई देने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पिंजरे में कैद गुलदार के डीएनए सैंपल जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की प्रयोगशाला भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में एहतियातन पिंजरे अब भी लगाए गए हैं और वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।

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