विलंब : चंद्र मोहन सिंह नेगी राजकीय बेस अस्पताल में मैमोग्राफी लैब तैयार, तकनीशियन नहीं
कोटद्वार। स्तन कैंसर की शुरुआती जांच के लिए बेस अस्पताल में स्थापित मैमोग्राफी लैब का संचालन फिलहाल शुरू नहीं हो पाएगा। लैब पूरी तरह तैयार होने के बावजूद महिला तकनीशियन की तैनाती न होने से इसका उद्घाटन और संचालन टल गया है। अस्पताल प्रशासन ने महिला तकनीशियन की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा है।क्षेत्र की महिलाओं को अब तक स्तन कैंसर की जांच के लिए दिल्ली स्थित एम्स सहित अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। लंबे समय से क्षेत्र में मैमोग्राफी सुविधा की मांग की जा रही थी। सुविधा के अभाव में कई मामलों में बीमारी का समय पर पता नहीं चल पाता था, जिससे महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मद से करीब 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बेस अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वार्ड के सामने बेसमेंट में मैमोग्राफी लैब स्थापित की गई है। इससे पहले इसी परिसर में एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
मई माह के अंतिम सप्ताह में मैमोग्राफी मशीन और लैब की स्थापना का कार्य पूरा कर लिया गया था। तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी महिला तकनीशियन की नियुक्ति नहीं हो सकी है जिससे लैब शुरू नहीं हो पा रही है।
‘मैमोग्राफी लैब के संचालन के लिए महिला तकनीशियन की तैनाती होनी है। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। तकनीशियन की नियुक्ति होते ही लैब का विधिवत उद्घाटन कर संचालन शुरू कर दिया जाएगा।’
– डॉ. विजय सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, सीएमएस नेगी बेस अस्पताल कोटद्वार

