हालात: सहसपुर में स्वारना नदी के किनारे फेंका जा रहा कूड़ा, निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं
विकासनगर। सहसपुर ब्लॉक क्षेत्र में कूड़ा उठान और निस्तारण की समुचित व्यवस्था न होने से क्षेत्र में गंदगी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि लोग मजबूरी में कूड़ा स्वारना नदी, आसपास के नालों और सड़क किनारों पर फेंक रहे हैं, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। दून-पांवटा मार्ग पर स्वारना नदी से लेकर सहसपुर मुख्य बाजार तक जगह-जगह कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं। सड़क किनारे फैले कूड़े से उठ रही दुर्गंध राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। बारिश के दौरान यह कचरा सड़क पर फैलकर आवागमन में भी बाधा पैदा कर रहा है। स्थानीय मोहम्मद तासीन, उम्मेद सिंह, शहजाद अली, मुकेश कुमार, जनेश्वर सिंह का कहना है कि सहसपुर ब्लॉक क्षेत्र में अब तक कूड़ा उठान और निस्तारण के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर व्यवस्था न होने के कारण लोग कचरा खुले में फेंकने को मजबूर हैं। चिंता की बात यह है कि स्वारना नदी में डाला जा रहा कचरा बारिश के पानी के साथ बहकर सीधे आसन नदी में पहुंच रहा है, जिससे जल प्रदूषण का खतरा और बढ़ गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जल्द कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था लागू करने और नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में यह समस्या गंभीर पर्यावरणीय संकट का रूप ले सकती है। उधर,इस संबंध में एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि इस संबंध में ब्लॉक स्तर अधिकारियों को निर्देश दिए जाऐंगे कि वह सड़कों के किनारें और स्वारना नदी में डाले जा रहे कूड़े पर प्रतिबंध लगाए। नियमित रूप से सफाई कर कूड़े का उचित निस्तारण करें।
(प्रतीकात्मक फोटो: सोशल मीडिया)

