अनदेखी: प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हैं खिलाड़ी विजयपाल बसेड़ा
रुड़की। राष्ट्रीय स्तर पर मैराथन में अपनी पहचान बनाने वाले खिलाड़ी विजयपाल बसेड़ा शासन-प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हैं। खिलाड़ी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर दस से अधिक कांस्य, गोल्ड, सिल्वर और राज्य स्तर पर भी कई मेडल जीते हैं। खिलाड़ी का कहना है कि अगर सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिया जाए तो वह इससे भी बेहतर करने का जज्बा रखते हैं। लक्सर के बसेड़ा गांव निवासी खिलाड़ी विजयपाल को पढ़ाई के समय से ही दौड़ने में काफी रुचि थी। वह पढ़ाई के बाद समय मिलने पर हमेशा दौड़ लगाने की प्रेक्टिस किया करते थे। उन्होंने स्टेट लेवल पर और राष्ट्रीय स्तर पर मैराथन में भाग लेना शुरू कर दिया। अभी पिछले दिनों राजस्थान में आयोजित नेशनल गेम में 400 मीटर, 800 मीटर व 1500 मी में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने बताया कि अभी तक वह नेशनल स्तर पर 20 से अधिक मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मैराथन में उन्होंने गोल्ड, कांस्य पदक जीते हैं। उन्होंने बताया कि अब वह 21 किलोमीटर मैराथन की तैयारी करने में लगे हुए हैं। वह गांव के संपर्क मार्ग पर ही दौड़ते हैं और अपनी तैयारी करते हैं। उन्होंने बताया कि वह दो बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित दस किलोमीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं। लेकिन उन्हें अभी तक राज्य व केंद्र सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन नहीं दिया गया है। युवा खेल कल्याण अधिकारी प्रमोद कुमार पांडे ने बताया कि खिलाड़ी द्वारा अगर किसी भी मदद के लिए बताया जाएगा तो उनकी जिलास्तर पर मदद कर राज्य स्तर पर भी पत्र भेजा जाएगा।

