दुश्वारी: उत्तराखंड रोडवेज की बसों के चारधाम यात्रा में लगने से यातायात सुविधा से वंचित हुए स्थानीय ग्रामीण
चमोली। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात की सुविधा देने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम की कई बस सेवाएं चारधाम यात्रा में लग गई हैं। नौटी, देवाल और नागचुलाखाल की बसें नहीं आने से दूरस्थ गांवों में आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उत्तराखंड परिवहन निगम के हिल डिपो देहरादून से वाया कर्णप्रयाग से होते हुए गैरसैंण क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्र नागचुलाखाल के लिए बस सेवा संचालित होती है। कुमाऊं और पौड़ी जिले की सीमा पर स्थित नागचुलाखाल के कर्णप्रयाग में काफी संख्या में लोग इस बस सेवा से जाते हैं लेकिन यह बस सेवा करीब एक सप्ताह से नहीं आ रही है। वहीं देहरादून से कर्णप्रयाग होते हुए नौटी, देवलकोट तक जाने वाली निगम की एकमात्र बस सेवा है। यह बस भी चारधाम यात्रा में लग गई है जबकि पिंडर घाटी के लिए चलने वाली देहरादून-देवाल बस सेवा भी बीते कई दिनों से नहीं आ रही है। अपर बाजार व्यापार संघ का कहना है कि दूरस्थ गांवों में केवल उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाएं हैं। कई लोग इन बस सेवाओं से दूर-दराज के क्षेत्रों से कर्णप्रयाग अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन बस सेवाएं यात्रा में लगने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
‘हमारे पास 22 बसें हैं। इनमें से 15-16 बसें चारधाम यात्रा में लगी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों की कुछ बस सेवाएं भी यात्रा में हैं। देवाल और नागचुलाखाल बस की चारधाम यात्रा में मांग है। ऐसे में बसें यात्रा में कुछ दिन और रहने की संभावना है। डिपो में बसों की संख्या कम होने से समस्या हो रही है।’
-राकेश कुमार, सहायक प्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम, हिल डिपो देहरादून

