दहशत: पहाड़ों में थम नहीं रहे जंगली जानवरों के हमले, जोगड़ी गांव में गुलदार के हमले में बुजुर्ग घायल

दहशत: पहाड़ों में थम नहीं रहे जंगली जानवरों के हमले, जोगड़ी गांव में गुलदार के हमले में बुजुर्ग घायल
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पौड़ी। जनपद में गुलदार के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह विकासखंड खिर्सू के ग्राम पंचायत जोगड़ी में गुलदार ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल बुजुर्ग का उपचार मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढ़वाल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, जोगड़ी गांव निवासी हीरा सिंह (73) सुबह करीब सात बजे गांव के पास स्थित धारे से पानी लेने जा रहे थे। उनके साथ एक ग्रामीण महिला भी मौजूद थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें नीचे की ओर घसीट ले गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार मौके से भाग गया। हमले में हीरा सिंह के दाहिने हाथ और सिर पर गहरे नाखून व दांत के निशान आए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घायल को बेहतर उपचार दिलाने और क्षेत्र को गुलदार की दहशत से निजात दिलाने की मांग की है। साथ ही गुलदार को आदमखोर घोषित कर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य शरत सिंह नेगी ने बताया कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जिससे लोगों में भय व्याप्त है। उधर, वन विभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में टीम तैनात कर दी गई है। गुलदार की निगरानी के लिए फॉक्स लाइट और छह कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं जबकि टीम लगातार गश्त कर रही है।

बालमणा गांव में गुलदार पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
उधर दहशत में जी रहे ग्रामीणों के लिए विकासखंड कोट से राहत भरी खबर आई है जहां के बालमणा गांव में शनिवार को एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है। वन विभाग की टीम गुलदार को रेस्क्यू कर नागदेव रेंज मुख्यालय लाई जहां पशु चिकित्सक ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। फिलहाल गुलदार स्वस्थ बताया जा रहा है लेकिन उसके आदमखोर होने की पुष्टि डीएनए रिपोर्ट के बाद ही होगी लेकिन गुलदार के पकड़ने जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है नौ मार्च को ग्राम पंचायत जामला के चिवालु गांव निवासी प्रकाश लाल (48) जो राज मिस्त्री थे। बालमणा में काम करने गए थे। शाम को काम खत्म होने के बाद वह घर लौट रहे थे लेकिन रात तक नहीं पहुंचे। अगले दिन ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की तो बालमणा गांव से करीब 300 मीटर दूर उनका क्षत-विक्षत शव मिला। उन्हें गुलदार ने उन्हें अपना शिकार बनाया था। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश था और उन्होंने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में 15 सदस्यीय टीम, दो शूटर, छह पिंजरे और 14 कैमरा ट्रैप लगाए थे। एसडीओ गढ़वाल आयशा बिष्ट ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार करीब छह से सात वर्ष का नर है। उसका डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। टीम फिलहाल क्षेत्र में तैनात रहेगी।

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