चिंताजनक: एचपीवी टीकाकरण में रुचि नहीं ले रही हैं किशोरियां, अभियान की प्रगति ढीली
नई टिहरी। यौन संचारित संक्रमणों से बचाव के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में किशोरियां रुचि नहीं ले रही है। जिले के देवप्रयाग और जाखणीधार ब्लॉक क्षेत्र में अब तक एक भी किशोरी का टीकाकरण नहीं हो पाया है जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ती जा रही है। 9 से 14 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य यौन संचारित संक्रमणों से बचाव के लिए सरकार ने निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में इस आयु वर्ग की कुल 5387 किशोरियां चिह्नित की है जिनमें से अब तक केवल 81 का ही टीकाकरण हो पाया है। 27 फरवरी को जिला चिकित्सालय बौराड़ी से शुरू हुए इस अभियान को करीब 20 दिन बीत चुके हैं लेकिन टीकाकरण अभियान की प्रगति संतोषजनक नहीं है। जिला चिकित्सालय बौराड़ी और चंबा ब्लॉक में 20-20, कीर्तिनगर में 15, प्रतापनगर में 8, जौनपुर में 7, नरेंद्रनगर में 5, भिलंगना में 3, थौलधार में 2 और उप जिला चिकित्सालय नरेंद्रनगर में 1 किशोरी का टीकाकरण किया गया है जबकि देवप्रयाग और जाखणीधार में एक भी टीकाकरण नहीं हुआ है। सीएमओ डॉ. श्याम विजय सिंह ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अभियान को मिशन मोड में संचालित करने को कहा है। उनका कहना है कि टीका किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने में अहम है। बाजार में इस वैक्सीन की कीमत चार हजार रुपये से अधिक है। सरकार इसे निशुल्क उपलब्ध करा रही है। यह टीका 9 से 14 वर्ष की आयु में सबसे अधिक प्रभावी होता है। एचपीवी से संबंधित 90 प्रतिशत से अधिक कैंसर के खतरे को कम करने में सक्षम है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों का अपने निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण कराने की अपील की है।़

