रुद्र गौरव सम्मान: शराब मुक्त गांव की दिशा में क्यूडी की महिलाओं ने पेश की मिसाल

रुद्र गौरव सम्मान: शराब मुक्त गांव की दिशा में क्यूडी की महिलाओं ने पेश की मिसाल
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रुद्रप्रयाग प्रेस क्लब समिति ने किया महिला मंगल दल को सम्मानित
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने पहल को बताया अनुकरणीय
रुद्रप्रयाग। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जब पहाड़ की नारी शक्ति संगठित होती है, तो परिवर्तन की नई इबारत लिखी जाती है। विकासखंड अगस्त्यमुनि की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत क्यूडी मंलास ने शराब मुक्त समाज की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाते हुए पूरे जनपद के लिए मिसाल कायम की है। इसी पहल के लिए रुद्रप्रयाग प्रेस क्लब समिति की ओर से आयोजित ‘रुद्र गौरव सम्मान’ समारोह में क्यूडी महिला मंगल दल को विशेष सम्मान से नवाजा गया।
ग्राम पंचायत क्यूडी की महिलाओं ने गांव में बढ़ते नशे के प्रभाव को देखते हुए सामूहिक निर्णय लिया कि किसी भी शादी-ब्याह, धार्मिक अनुष्ठान या सामाजिक कार्यक्रम में शराब का सेवन और परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। महिला मंगल दल के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय का पूरे गांव ने समर्थन किया और सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। गांव में पारिवारिक विवादों में कमी आई है, सामाजिक समरसता मजबूत हुई है तथा अनावश्यक खर्च पर भी अंकुश लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से युवाओं में भी सकारात्मक संदेश गया है और गांव का वातावरण पहले की अपेक्षा अधिक शांत एवं अनुशासित हुआ है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सूचना महानिदेशक एवं सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने महिला मंगल दल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की यह पहल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव की असली ताकत समाज के भीतर से आती है और क्यूडी की महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि सामूहिक संकल्प से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
प्रेस क्लब समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि क्यूडी की इस पहल से प्रेरित होकर जनपद के अन्य ग्राम पंचायतों में भी शराब मुक्त आयोजन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। समिति ने कहा कि यह सम्मान केवल एक गांव का नहीं, बल्कि नशामुक्त समाज की दिशा में उठी एक सशक्त आवाज का सम्मान है। क्यूडी महिला मंगल दल की यह पहल अब जनपद में सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बनती जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अन्य गांव भी इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।

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