आवाज़: सरकार के खिलाफ भोजन माताओं का हल्ला बोल, अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी
रामनगर। सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नैनीताल जिले के रामनगर में भोजन माताएं सड़कों पर उतर आईं। भोजन माता संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में एकत्र हुई महिलाओं ने प्रदेश सरकार पर उपेक्षा और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान भोजन माताओं ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा। जानकारी के अनुसार लखनपुर स्थित सिटी पार्क में भोजन माता संगठन की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन की पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जाहिर की।
बैठक के बाद भोजन माताएं लखनपुर से तहसील परिसर तक जुलूस के रूप में पहुंचीं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भोजन माता संगठन की अध्यक्ष शारदा देवी ने कहा कि पूरे प्रदेश में संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा है। मुख्यमंत्री को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी किसी भी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। शारदा देवी ने स्पष्ट किया कि भोजन माताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होने के नाम पर हटाई गई। भोजन माताओं को पुनः कार्य पर लिया जाए। उन्होंने स्कूलों में बाहर से भोजन मंगाने की व्यवस्था को बंद करने और भोजन माताओं को ही भोजन तैयार करने का कार्य सौंपने की मांग भी की। इसके अलावा संगठन ने सरकार द्वारा घोषित 5000 रुपये के न्यूनतम मानदेय को तत्काल लागू करने और 18,000 रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग उठाई। शारदा देवी ने चेतावनी दी कि आज एक दिन की हड़ताल के बाद भी यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो भोजन माताएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि भोजन माताएं अब अपने उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेंगी और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।

