असर: बुग्याल गए पर्यटकों को बुलाया गया वापस, मौसम के सामान्य होने तक प्रवेश पर लगी रोक

चमोली। दो दिन तक बारिश-बर्फबारी से मुख्य पर्यटन स्थल रुपकुंड, वेदनी बुग्याल, ऑली बुग्याल, भीकलताल, ब्रह्मताल, गैरोली पातल, बगजी बुग्याल बर्फ से ढक गए। करीब डेढ़ से दो फीट बर्फ पड़ने से वन विभाग ने बुग्यालों में गए सभी पर्यटकों को वापस बुला लिया। बुग्यालों में लगातार बर्फबारी होने से वन विभाग ने पर्यटकों को लोहाजंग में ही रोक दिया और बुग्याल में जाने से रोक लगा दी है। घेस, हिमनी, बलाण, पिनाऊं, वाण, कुलिंग, दीदना, बांक, लोहाजंग, मुंदोली आदि कई गांव में जमकर बर्फबारी हुई। हिमालयी क्षेत्र में हो रही बर्फबारी से पिंडर व कैल नदी किनारे बसे गांव भी शीतलहर की चपेट में आ गए। लोहाजंग में तैनात वन विभाग के कर्मी बलवीर बिष्ट ने बताया कि रुपकुंड, वेदनी, ऑली, भीकलताल, ब्रह्मताल, बगजी में करीब डेढ़ से दो फीट बर्फ है। ऐसे में पर्यटक लोहाजंग लौट गाए हैं। वन विभाग ने बुधवार को बुग्याल में प्रवेश बंद कर दिया है। मौसम साफ होने के बाद पर्यटकों को बुग्याल में जाने की अनुमति दी जाएगी।वहीं कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, गौचर, थराली, गैरसैंण में बुधवार सुबह करीब 10 बजे तक बारिश जारी रही।
चार घंटे ठप रही विद्युत आपूर्ति
देवाल। बुधवार सुबह करीब 5 से 9 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता मुनिश कुमार ने बताया कि 33 केवी लाइन के जंपर जल जाने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी जिसके बाद 66 केवी से विद्युत सप्लाई की गई।


