प्रतिक्रिया: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यूसीसी को बताया सनातन धर्म पर हमला; अन्य मामलों पर भी सरकार को घेरा

देहरादून। उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हुए 27 जनवरी को एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर जहां धामी सरकार प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित यूसीसी के फायदे बता रही है तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रातव ने यूसीसी को सनातन धर्म पर हमला बताया है। हरीश रावत ने दिल्ली में यूसीसीपर अपनी प्रतिक्रिया दी।
हरीश रावत ने यूसीसीको सनातन धर्म पर हमला बताते हुए कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बीजेपी इसके लिए अपनी कितनी भी तारीफ करें। बता दें कि राज्य सरकार की तरफ से देहरादून में यूसीसी की पहली वर्षगांठ पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस मौके पर सीएम धामी ने भी अपना संबोधन किया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अन्य मामलों पर भी धामी सरकार को घेरा है। हरीश रावत ने हाल ही में बदरीनाथ-केदारनाथ विवाद पर भी टिप्पणी की, जहां गैर-हिंदुओं को मंदिरों में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया जा सकता है। हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते कहा कि सरकार के पास महत्वपूर्ण मुद्दों के जवाब नहीं हैं।
हरीश रावत ने कहा कि बीजेपी के पास बात करने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है। सरकार के पास उत्तराखंड में बढ़ते पलायन और महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति जैसे मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है, इसीलिए वे प्रतिबंधों और ऐसे विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

