जनवादी प्रार्थना: ‘… न हो किसी का बैर किसी से, रहे प्यार ही प्यार प्रभू !’
जनवादी प्रार्थना
रहे अंधेरा कहीं न दुःख का, सुखी रहे संसार प्रभू !
न हो किसी से बैर किसी का, रहे प्यार ही प्यार प्रभू !
बुरा किसी को कोई कहे ना, खून किसी का कहीं बहे ना
मेहनत का फल मिले सभी को, भूखा कोई पेट रहे ना
इस धरती पर मिले सभी को जीने का अधिकार प्रभू !
न हो किसी से बैर किसी का, रहे प्यार ही प्यार प्रभू !
नेक इरादे- नेक नज़र दे, बदनामी का सबको डर दे
नहीं द्वेष की रहे भावना, क्षमा-भाव हर मन में भर दे
ना सरहद की- ना मज़हब की, रहे कहीं तकरार प्रभू !
न हो किसी से बैर किसी का, रहे प्यार ही प्यार प्रभू !
पर-निंदा की हो ना आदत, सच कहने की रखें हिम्मत
ज़ुल्म-सितम-अन्याय- दमन से, दे लड़ने की सबको ताकत
पूरे हों संकल्प सभी के, सपने हों साकार प्रभू !
न हो किसी का बैर किसी से, रहे प्यार ही प्यार प्रभू !
– सुरेन रावत
!! नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !!

