विरोध: नगर निगम में धरने पर बैठे कांग्रेसी पार्षद रॉबिन त्यागी; नगर आयुक्त पर लगाया अनदेखी का गंभीर आरोप
देहरादून। नगर निगम में कांग्रेस पार्षद और नगर आयुक्त के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले जहां दो दिनों तक इसी मामले पर नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों हड़ताल पर थे, तो मंगलवार को कांग्रेसी पार्षद ने देहरादून नगर निगम कार्यालय में पहुंचकर हंगामा किया।
कांग्रेस पार्षद रॉबिन त्यागी ने नगर आयुक्त नमामि बंसल पर नगर निगम में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कांग्रेस पार्षद रॉबिन त्यागी का आरोप है कि नगर आयुक्त नमामि बंसल की सह पर ही नगर निगम के टेंडरों में भ्रष्टाचार हो रहा है। कांग्रेस पार्षद रॉबिन त्यागी ने साफ किया है कि उनकी लड़ाई नगर आयुक्त के साथ है। क्योंकि नगर आयुक्त सरकार को खुश करने के लिए कांग्रेस पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है।
दरहसल 23 दिसंबर को कांग्रेसी पार्षद देहरादून नगर निगम पहुंचे। इस दौरान वार्ड नंबर 47 से कांग्रेस पार्षद रॉबिन त्यागी की नगर आयुक्त नमामि बंसल से तीखी बहस हो गई। इस कारण नगर निगम देहरादून कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
पार्षद रॉबिन त्यागी ने नगर आयुक्त पर इंतजार कराने और फोन न उठाने का आरोप लगाते हुए कार्यालय में घेराव कर दिया। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर आयुक्त ने ऊंची आवाज में बात करने पर आपत्ति जताई और पार्षद को अपने कक्ष से बाहर जाने को कह दिया।
कांग्रेस पार्षद रॉबिन त्यागी का आरोप है कि नगर आयुक्त के कहने पर सफाई कर्मचारियों ने वार्ड 47 के क्षेत्रों में सफाई नहीं की, जिसके कारण क्षेत्र में गंदगी फैल गई है। साथ ही आरोप लगाया है कि नगर आयुक्त के कहने पर कर्मचारी नहीं आ रहे है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ वार्डों में 70 लाख रुपए से अधिक के कार्य प्रस्तावित है, जबकि उनके वार्ड को विकास कार्य के लिए अब तक बजट नहीं दिया गया है। इनता ही नहीं चाहते पार्षदों को एक करोड़ रुपए तक का बजट दिया जा है और कुछ को 20 लाख तक का बजट दिया जा रहा है।
इस मामले के बाद नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कांग्रेस पार्षदों पर नगर आयुक्त से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। साथ ही सभी कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर भी चले गए थे। सोमवार को नगर आयुकत ने नगर निगम के तीनों संगठन कर्मचारियों से वार्ता कर हड़ताल खत्म करवाते हुए नगर निगम में कार्य शुरू कर दिया गया था। साथ ही नगर आयुक्त ने बताया है कि नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक में जो टेंडर जारी किए गए हैं, उनकी जांच के लिए एक जांच कमेटी बनाई गई है।

