चिंताजनक: दुगड्डा के जंगलों पर मंडराया प्लास्टिक का खतरा, सड़क किनारे कचरा फैंक रहे हैं लोग 

चिंताजनक: दुगड्डा के जंगलों पर मंडराया प्लास्टिक का खतरा, सड़क किनारे कचरा फैंक रहे हैं लोग 
Spread the love

 

कोटद्वार।  वन विभाग के लिए एक नई समस्या खड़ी हो गई है। दुगड्डा व आसपास के जंगल क्षेत्रों में सड़क किनारे चोरी-छिपे अजैविक और पॉलीथिनयुक्त कचरा फेंका जा रहा है। यह कचरा वन और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। दुगड्डा व निकटवर्ती क्षेत्रों में अपशिष्ट निस्तारण के लिए कोई डंपिंग जोन उपलब्ध नहीं है। इसी कारण लोग मौका पाकर जंगल क्षेत्र में सड़क किनारे कूड़ा डाल रहे हैं। इस कूड़े में काफी मात्रा में प्लास्टिक कचरा शामिल है। लगातार कूड़ा डाले जाने से कई जगहों पर स्थिति काफी खराब हो चुकी है। भोजन की तलाश में पालतू और वन्यजीव इन कचरे के ढेरों पर पहुंच रहे हैं। यह उनके जीवन के लिए बड़ा खतरा बन गया है। मवेशी और वन्यजीव पॉलीथिन में फेंकी खाद्य सामग्री के साथ प्लास्टिक भी निगल रहे हैं।

वन्यजीवों पर खतरा और कार्रवाई:

दुगड्डा-सेंधीखाल मोटर मार्ग पर फेंका गया खाना खाने पहुंचा एक हाथी पिछले दिनों खाई में गिरने से बाल-बाल बचा था। बिलांशू-टोलबार के पास एक विश्राम स्थल के निकट जंगली सुअरों को कचरे से भूख मिटाते देखा गया। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के रेंजर रमेशचंद्र सिंह नेगी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में जनता की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने बताया कि जंगलों को अपशिष्ट का डंपिंग जोन बनाना वन कानूनों का उल्लंघन है और ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

Parvatanchal