दावा: ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे भालू के हमलों को लेकर जिला प्रशासन मुस्तैद

दावा: ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे भालू के हमलों को लेकर जिला प्रशासन मुस्तैद
Spread the love

 

डीएम प्रतीक जैन ने की पत्रकार वार्ता; बोले,वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर प्रशासन उठा रहा ठोस कदम

रुद्रप्रयाग। वन्यजीवों से ग्रामीण जनता को बचाने को लेकर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग की ओर से लगातार संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है। भालू के हमले लगातार बढ़ रही है, जिस कारण ग्रामीण जनता को भय के माहौल में जीवन यापन करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं देखने को मिल रही है। वन विभाग ने इस मामले में शुरूआत में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की, जिस कारण ग्रामीणों को दिक्कतें हुई हैं। अब जिला प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वन्य जीव हमलों की सूचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही अमल में लाई जा रही है, जबकि संवेदनशील स्थानों पर ग्रामीणों को निशुल्क पशु आहार दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को घास लेने को जंगल की ओर ना जाना पड़े। इसके अलावा वन्यजीव घटना में घायल हो रहे लोगों के इलाज को लेकर त्वरित कार्यवाही की जा रही है, जिससे उसकी जान को बचाया जा सके। इसके अलावा पशुओं के घायल होने पर ट्रीटमेंट को लेकर टीम को क्षेत्र में भेजा जा रहा है। डीएम प्रतीक जैन ने कहा कि रात के समय घटनाएं अधिक हो रही हैं। सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। जिला प्रशासन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर पैनी नजर बनाए हुए है।
वहीं डीएम ने कहा कि जनपद में सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बहुउद्देशीय शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आम जनता की विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। शिविरों में आधार कार्ड बनाना, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों को बनाया जा रहा है। इसके साथ ही ब्लॉक से संबंधित समस्याओं का निस्तारण, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामलों की जांच तथा मनरेगा के तहत रोजगार कार्ड भी शिविरों में बनाए जा रहे हैं। शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रहती है, जो लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श प्रदान कर रही है। प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम कोर्ट एवं तहसीलदार की ओर से खतौनी और खाता-खतौनी से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। जबकि जल, विद्युत और सड़क से जुड़ी जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर कार्य कर रही हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर 45 दिनों तक आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत जनपद की 27 न्याय पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे, जो 30 जनवरी तक संचालित रहेंगे। जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे शिविरों में पहुंचकर लोगों को जागरूक करें और उनकी समस्याएं सामने रखें, ताकि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सके।

Parvatanchal