ख़ौफ़: गढ़वाल में गुलदार का डर बरकरार; वन कर्मियों की निगरानी में घास काट रहीं महिलाएं
श्रीनगर (गढ़वाल)। खिर्सू ब्लॉक के कोटी गांव में गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत के बाद से ग्रामीण डर के साये में अपनी दिनचर्या निर्वहन कर रहे हैं। आसपास खेत-खलियानों में काम करने के लिए जा रही महिलाओं के साथ वन विभाग की टीम लगातार मौके पर बनी हुई है, लेकिन गुलदार की चहलकदमी का पकड़ में ना आना क्षेत्रवासियों के लिए भी मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। वन विभाग की ओर से कोटी और नयालगढ़ क्षेत्र में तीन पिंजरे, दस कैमरा ट्रैप और पंद्रह कर्मियों की तैनाती की गई, जबकि ट्रैंक्यूलाइज टीम और शूटर साथ में मौजूद है। विभाग के अनुसार गुलदार प्रभावित क्षेत्र में टीम द्वारा गश्त की जा रही है। स्कूली बच्चों के आने-जाने और महिलाओं के कामकाज देखते हुए वन विभाग की टीम मौके पर साथ जा रही है, लेकिन गुलदार का पिंजरे या कैमरों में नजर न आना बड़ा सवाल बना हुआ है। इधर,श्रीनगर निवासी नीलम ने बताया कि ग्लास हाउस के पास लगातार गुलदार की चहलकदमी दिखाई दे रही है। बताया कि गुलदार ने निराश्रित गो वंश को निवाला बनाया है, जबकि मवेशियों को हमला कर जख्मी किया है। कहा कि गुलदार की चहलकदमी से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से जल्द गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी श्रीनगर दिनेश चंद्र ने बताया कि सर्दियों के समय गुलदार चकमा देकर चहलकदमी कर रहा है। जहां भी लोगों द्वारा गुलदार की सूचना मिल रही है, वहां वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। उन्होंने आम जनता से सुबह और शाम सुनसान जगहों पर नहीं जाने की अपील की है।
‘गुलदार प्रभावित क्षेत्र में विभागीय टीम नजर बनाये हुए है। ड्रोन व अन्य उपकरणों के माध्यम से सभी कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है।’
– अभिमन्यु सिंह (डीएफओ पौड़ी)

