शिकंजा: झपटमार गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, तलाशी में आरोपियों से मोबाइल बरामद

शिकंजा: झपटमार गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, तलाशी में आरोपियों से मोबाइल बरामद
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हरिद्वार। थाना रानीपुर पुलिस ने झपट्टा मारने वाली गैंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद किया गया है। दोनों युवक नशे के आदी बताए जा रहे हैं और नशे की पूर्ति के लिए वारदात को अंजाम देते थे। थाना रानीपुर में 21 नवंबर को अमर चन्द्र, निवासी पवनपुत्र कॉलोनी, ब्रह्मपुरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 20 नवंबर को बैरियर नंबर 06 के पास दो अज्ञात युवक उनका मोबाइल फोन झपट कर फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। प्रभारी निरीक्षक शांति कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाल आरोपियों की तलाश को तेज की। 22 नवंबर की रात जमालपुर नहर पटरी क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों प्रवेज, निवासी जमालपुर खुर्द रानीपुर और समीर, निवासी स्योहारा, बिजनौर को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल से सिम निकालकर गंगनहर में फेंक दिया था। दोनों आरोपी मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

ऑपरेशन ‘कालनेमि’ में 20 फर्जी बाबा गिरफ्तार
दूसरी ओ, जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन कालनेमि के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के नेतृत्व में यह अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने उन कथित फर्जी बाबाओं पर शिकंजा कसना शुरू किया, जो धर्म और तंत्र-मंत्र के नाम पर स्थानीय लोगों तथा बाहर से आने वाले यात्रियों को परेशान कर रहे थे। पुलिस के अनुसार ये व्यक्ति जादू-टोना, तंत्र-मंत्र और चमत्कारिक उपाय बताने की आड़ में लोगों को भ्रमित कर आर्थिक शोषण कर रहे थे। कई व्यक्तियों के पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं मिला, जबकि कुछ संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए। नगर कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि पुलिस टीम ने ऐसे कुल 20 व्यक्तियों को मौके से हिरासत में लेकर कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई निरंतर निगरानी और गश्त के दौरान मिले इनपुट तथा शिकायतों के आधार पर की गई। पुलिस ने कहा कि धार्मिक नगरी हरिद्वार की पवित्रता और सुरक्षित वातावरण को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। एसएसपी हरिद्वार ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन कालनेमि आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, असामाजिक या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने थाना प्रभारियों को घाटों, मंदिर परिसरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार सतर्कता बरतने और ऐसे तत्वों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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