सबक: चरस तस्करी के दो दोषियों को 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा
विकासनगर(आरएनएस)। चरस तस्करी के मामले में विशेष सत्र न्यायालय ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि 11 नवंबर 2016 को पुलिस हरिपुर कोठी तिराहे के पास गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने दो लोगों के चरस लेकर आने की सूचना दी। पुलिस ने कोठी रोड, तुनियां के पास दोनों को पकड़ लिया। उनकी पहचान अंतराम शर्मा और जवाहर शर्मा, निवासी ग्राम सियोघ, थाना कालसी के रूप में हुई।क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर जवाहर के पास से एक किलो 20 ग्राम और अंतराम के पास से एक किलो 30 ग्राम चरस बरामद हुई। दोनों के खिलाफ कालसी थाने में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया।सुनवाई में बचाव पक्ष ने पहला अपराध बताते हुए कम सजा की मांग की। अभियोजन ने बरामदगी की मात्रा और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा की मांग की। न्यायालय ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

