संकट: आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें
नई टिहरी। देवप्रयाग बीते दिनों हुई भारी बारिश से क्षेत्र की अधिकांश पेयजल योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। जल संस्थान द्वारा पेयजल लाइनों को जोड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। भारी बारिश से नगर की दीवानी व रंदी गाड़ पेयजल योजनायें क्षतिग्रस्त हो गयी थी। काफी कोशिश के बाद जल संस्थान इनसे जलापूर्ति शुरू नहीं करवा पा रहा है। नगर का बाह बाजार क्षेत्र इससे सबसे अधिक प्रभावित है। वहीं नगर से निकट स्थित कोटी, तुंणगी, भुइट, भटकोट गांवों में पिछले एक हफ्ते से पेयजल संकट गहराया हुआ है। भारी चट्टानी भूस्खलन से यहां जलापूर्ति करने वाली सजवान कांडा पंपिंग योजना व स्रोत से आने वाली दोनों पेयजल योजनायें क्षतिग्रस्त हैं। गहरी खाई के ऊपर चट्टानी मलबे में दबी पाइप लाइनों की मरम्मत काफी जोखिम भरी है। हालांकि जल संस्थान व ग्रामीण जान जोखिम में डाल यहां तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। उधर, भरपूर पंपिग योजना की मेन राइजिंग लाइन में तीन दिन पूर्व रेलवे का टैंकर गिरने से एक कई जगह क्षतिग्रस्त हो गयी। जिससे दिखोल सहित करीब एक दर्जन गांवों की जलापूर्ति ठप पड़ गयी। राजमार्ग से लगभग 70 मीटर नीचे गिरे टैंकर के नीचे टूटी मेन लाइन की मरम्मत विभाग के लिए काफी चुनौती भरा बना हुआ है। जलापूर्ति नहीं होने से ग्रामीण घनी झाड़ियों के रास्तों से दूर जल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। शादी वाले परिवारों को इससे सबसे बड़ी मुश्किल बनी है। गुलदार, भालू, सांप की दहशत के बीच ग्रामीण स्त्रोतों से किसी तरह पानी जुटा रहे हैं। जल संस्थान जेई अमित रतूड़ी के अनुसार पेयजल आपूर्ति बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। पंपिंग योजना की टूटी लाइनों के लिए वैल्डिंग मशीनें भेजी जा रही है। जबकि स्रोतों से प्लास्टिक पाइपों के जरिये अस्थायी जलापूर्ति बनाये जाने की कोशिश जारी है।

