श्रद्धा: एक माह तक बंद रहने के बाद मकर संक्रांति पर खुले भगवान आदिबदरी के कपाट, फूलों से सजाया गया पूरा मंदिर
चमोली। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर सुबह पांच बजे पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ भगवान आदिबदरी के कपाट खोल दिए गए। इस दौरान पूरे मंदिर को गेंदे के फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया था।
मकर संक्रांति पर्व पर सुबह पांच बजे भगवान आदि बदरी के विधिविधान से कपाट खुलने के बाद महाअभिषेक समारोह,शीतकालीन पर्यटन व सांस्कृतिक विकास मेलों का शुभारंभ भी हो गया है। कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने मेले का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि उत्तराखंड में कई पौराणिक और चमत्कारिक मंदिर मौजूद हैं, जिनकी चर्चा दूर-दूर तक होती है। कुछ मंदिर तो साल भर खुले रहते हैं, लेकिन कुछ मंदिरों के कपाट किसी विशेष समयावधि पर बंद कर दिए जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर आदिबदरी है, जिसके कपाट एक महीने के लिए यानी पौष माह में बंद कर दिए जाते हैं। फिर मकर संक्रांति के दिन कपाट खोले जाते हैं।

