लोक संस्कृति को जीवंत रखते हैंnडांडिया और गरबा जैसे आयोजन: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल संदेश के माध्यम से श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में आयोजित नवरंग डांडिया 4.0 कार्यक्रम की बधाई दी। मुख्यमंत्री धामी ने अपने वर्चुअल संदेश में कहा कि नवरात्रि का पावन पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, आस्था और परंपराओं का प्रतीक है। डांडिया और गर्भा जैसे नृत्य हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ समाज में उत्साह, एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में आना चाहते थे लेकिन शासकीय कार्यों में व्यस्तता के कारण वह कार्यक्रम में नहीं आ पाए। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की कि श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने सभी छात्र-सी फेकल्टी व स्टाफ को नवरंग डांडिया 4.0 की हार्दिक बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कार्यक्रम आयोजन की पूरी टीम को शारदीय नवरात्र एवम् कार्यक्रम के सफल आयोजन पर बधाई एवम् हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
गुरुवार शाम को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, पथरी बाग के हैलीपैड मैदान में नवरंग डांडिया 4.0 का भव्य आगाज हुआ। पूजा आरती और शंखनाद के साथ कार्यक्रम में प्रस्तुतियां शुरू हुईं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, डाॅ विपिन चन्द्र घिल्डियाल, कुलपति, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवम् डाॅ सोनिका कंडारी, कुलसचिव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में गुरुवार की शाम मां दुर्गा के जयकारों और उत्तराखण्ड लोक संस्कृति के बीच नवरंग डांडिया 4.0 की धूम देखने को मिली।
मुख्य अतिथि धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि नवरंग डांडिया 4.0 भारतीय संस्कृति और उत्तराखण्ड की लोक परंपराओं को उत्सव के माध्यम से जीवंत बनाए रखने की सराहनीय पहल है। उन्होंने एसजीआरआर विश्वविद्यालय को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक उत्सव युवा पीढ़ी में अपनी परंपराओं के प्रति जुड़ाव बढ़ाने और समृद्ध विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इसके बाद जागर सम्राट पदमश्री प्रीतम भरतवाण व उनकी टीम ने उत्तराखण्ड वाद्य यंत्रों से कार्यक्रम का आगाज किया। जागर सम्राट पदमश्री प्रीतम भरतवाण के जागर, मां दुर्गा की प्रस्तुतियों और उत्तराखण्डी गीतों की ताल पर सजी रंगीन छटा ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रीतम भरतवाण ने अपने गढ़वाली लोक संगीत और देवी जागर गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उनकी प्रस्तुतियों में उत्तराखण्ड की आस्था, परंपरा और लोकजीवन की झलक देखने को मिली। देवी जागर की प्रसिद्ध रचनाओं में ‘नारैणी मेरी दुर्गा भवानी’ और ‘भगवती राज राजेश्वरी जागर’ प्रमुख हैं। उनके लोकप्रिय गढ़वाली गीतों में ‘शिवजी कैलाशु रंदन’, ‘बांद अमरावती’, ‘बिंदुली’, ‘चल मेरी सरूली’ और ‘मेरी बिजोरा’ पर नृत्य कर छात्र-छात्राओं ने जमकर लुत्फ उठाया। दुधिया रोशनी से नहाए श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय का हैलीपैड आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहा। प्राकृतिक हरियाली, पेडों की खूबसूरती और लाइटिंग ने हैलीपैड ग्रांउड में चार चांद लगा दिए।
नवरंग डांडिया 4.0 में डीजे सोनल ने हाई-वोल्टेज डीजे बीट्स से समां बांध दिया। डीजे बीट्स पर छात्र-छात्राएं और फैकल्टी सदस्य देर रात तक झूमते रहे। गरबा और डांडिया की रंगीन थिरकन ने पूरे पांडाल को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया। पारंपरिक डांडिया गीतों की धुनों पर युवाओं ने उत्साह के साथ नृत्य किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने आयोजन की रौनक को और बढ़ा दिया। संगीत, नृत्य और उमंग के संगम ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। देर रात तक पांडाल तालियों, संगीत और उत्साह से गूंजता रहा। इस अवसर पर रील मेकिंग में स्कूल आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलाॅजी की ईशा नेगी को प्रथम, स्कूल आॅफ ह्यूमैनिटीज एण्ड सोशल साइंसेज माॅसकाम के छात्र कुणाल को द्वितीय और बीसीए के आयुष चैधरी को तीसरे पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नवरंग डांडिया की चेयरपर्सन डाॅ मालविका कांडपाल, डाॅ अरुण कुमार, डाॅ प्रिया पाण्डे, डाॅ गणराजन के साथ विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, फेकल्टी सदसयों सहित हजारों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

