मौसम: उत्तराखंड के सीमांत पर्वत चोटियों पर बर्फबारी, सड़कें अवरुद्ध होने से मुश्किलें बढ़ीं
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-मुनस्यारी के साथ जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश और खलिया, भुजानी, आदि कैलास, मानसरोवर मार्ग में हिमपात हुआ है। कई जगह 18 से 20 इंच तक बर्फबारी हुई है। जिससे खलिया में तापमान माइनस 1 व मुनस्यारी 4 डिग्री न्यूनतम तापमान पहुंच गया है। इससे पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सीमांत जनपद में शनिवार को सुबह से ही अधिकांश जगह जमकर बारिश हुई। इस दौरान रास्तों में भी पानी आने से लोगों को दिक्कत हुई। जनपद के खलिया में 5 इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। भुजानी में 4 इंच बर्फ गिरी है। मिलम में 18 इंच व लास्पा 15 इंच बर्फबारी हुई है। बुगडियार में 5 इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। मानसरोवर यात्रा मार्ग में कई जगह 20 इंच से अधिक बर्फबारी की खबर है। आदि कैलास मार्ग में भी जमकर हिमपात हुआ है। बारिश व बर्फबारी के बाद जिले के अधिकांश हिस्सों में ठंड का समाना करना पड़ रहा है। उच्च हिमालयी अग्रिम चौकियों में तैनात जवानों के साथ ही माइग्रेशन गांवों में पर्यटन कारोबार को लेकर तैयारी में जुटे लोगों की मुसीबत को भी ठंड ने बढ़ा दिया है। आम तौर पर मार्च में तामपान में सुधार आने पर लोग माइग्रेशन की तैयारी करते हैं। इस बार शीतकाल में सूखा व अब हो रही बारिश व बर्फबारी ने माइग्रेशन की तैयारी में लगे लोगों को भी परेशान कर दिया है।
वहीं, जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में बर्फबारी ने यातायात को पूरी तरह से रोक दिया है। ताजा हिमपात के बाद सीमा तक जाने वाले देश के सभी प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं। इससे सैनिकों के साथ स्थानीय माइग्रेशन गांवों के लोगों को भी दिक्कत हो रही हैं। जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मार्च में लगातार हो रहे हिमपात के बाद आदि कैलास को जोड़ने वाले मार्ग के साथ ही लिपूलेख व सोबला दर तिदांग मार्ग भी बंद हो गया है। गुंजी कुटी ज्योलिंडकांग मार्ग में ताजा हिमपात के बाद आपदा प्रबंध केन्द्र के अनुसार भारी बर्फ जमा है। इससे खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। घटियाबगड़ लिपूलेख एनएच 31 ,5 ,39 ,53 में बंद हैं। अधिक बर्फ होने से सीमा सड़क संगठन के लिए इस सड़क को समय पर खोल पाना चुनौती बनता नजर आ रहा है । उधर न्यू सोबला में दर तिदांग सड़क दर में स्लाइडिंग आने से बंद है। किमी 9 व 4 में भी यह सड़क बंद चल रही है। इस सड़क के बंद हो जाने से सीमा पर मार्ग खोलने व निर्माण के जुटे श्रमिकों को भी कड़ाके की ठंड से मुसीबत झलनी पड़ रही है। लगातार दो माह से इन सड़कों में आवागमन प्रभावित होता जा रहा है। कुछ समय के लिए मार्ग खुलने के बाद बर्फबारी फिर से सीमा के प्रमुख मार्गों को खोलने के काम में बाधा डाल रही है।
केदारनाथ समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
दूसरी ओर केदारनाथ धाम सहित ऊंची चोटियों पर भी बर्फवारी हुई जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई है। हालांकि दोपहर होते ही मौसम पूरी तरह साफ हो गया और चटक धूप भी खिल गई। बारिश और बर्फबारी से मौसम में हल्की ठंडक रही। जनपद में बीते शुक्रवार मध्य रात्रि से आसमान में बादल छा गए और केदारनाथ सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई। शनिवार सुबह मुख्यालय सहित अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई। केदारनाथ के साथ ही मद्महेश्वर, तुंगनाथ, कार्तिक स्वामी, चन्द्रशिला सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है। केदारनाथ धाम में अभी भी करीब दो फीट तक बर्फ जमी है। इधर, मुख्यालय सहित पूरे जिले में हल्की बारिश होने से मौसम हल्का ठंडकभरा हो गया है। शनिवार सुबह 10 बजे के बाद मौसम साफ हो गया था। आसमान खुल गया और चटक धूप खिल गई।

