बेख़ौफ़: उत्तराखंड में आकर बंद घरों के ताले तोड़ रहे यूपी के शातिर बदमाश, पुलिस हुई सक्रिय
हल्द्वानी(आरएनएस)। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में बंद घरों को निशाना बनाने वाले उत्तरप्रदेश के शातिर सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं। खासतौर पर यूपी की सीमा से लगे तराई-भावर के नैनीताल और यूएस नगर जिले में बंद घरों के ताले तोड़ चोरी करने वाले 25 से अधिक शातिर जेल जा चुके हैं। जबकि पहाड़ी जिलों में ऐसी घटनाएं कम दर्ज हुई हैं। कुमाऊं के छह जिलों में वर्ष 2026 में अब तक बंद घरों के ताले तोड़कर चोरी करने की 136 घटनाएं सामने आई हैं। इनमें सबसे अधिक 84 मामले ऊधमसिंह नगर जिले के हैं, जबकि नैनीताल जिले में 43 घरों को चोरों ने निशाना बनाया। वहीं अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत जिलों में ऐसी कुल नौ घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन वारदातों में उत्तर प्रदेश के बरेली, रामपुर और मुरादाबाद जिले के 25 शातिर चोरों की संलिप्तता सामने आई। जिन्हें कुमाऊं की पुलिस सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। वहीं चोरों से 80 प्रतिशत तक चोरी का सामान भी पुलिस ने बरामद किया।
चोरी की वारदातों का तरीका
शातिर आरोपियों के चोरी का तरीका भी लगभग एक जैसा है। वे पहले दोपहिया वाहनों से जोड़ों में पहुंचकर बंद घरों की रेकी करते हैं। घर में लोगों की आवाजाही और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद मौका मिलते ही ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। खासकर उन मकानों को निशाना बनाया जा रहा है जिनमें लंबे समय से कोई नहीं रह रहा है या एक सप्ताह के लिए बाहर जा रहे हैं।
नौ महीने में चोरी की 185 घटनाएं
कुमाऊं के छह जिलों में इस दौरान छोटी-मोटी और बड़ी चोरी की 185 घटनाएं अलग से सामने आई। जिनमें जेवरात, सामाग्री, नकदी समेत अन्य सामान चोरों ने एक सुनियोजित तरीके से की। सर्वाधिक ऐसी 124 चोरियों की घटना यूएस नगर में हुई। नैनीताल में 42, अल्मोड़ा दो, बागेश्वर चार, चम्पावत 10 और पिथौरागढ़ में तीन चोरियां हुई।
कुमाऊं में हर चौथे दिन हत्या की वारदात
दूसरी तरफ कुमाऊं मंडल में हत्या की वारदातों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक इस साल सितंबर तक 60 हत्या की वारदात कुमाऊं में हुई हैं। औसतन बात करें तो हर चौथे दिन एक हत्या की वारदात हो रही है। आंकड़ों के अनुसार ऊधमसिंह नगर जिला हत्याओं के मामले में सबसे आगे रहा। यहां सितंबर तक 29 हत्या की वारदात सामने आईं। वहीं नैनीताल जिले में 17 लोगों की हत्या हुई। दूसरी ओर कुमाऊं के चार पहाड़ी जिलों में इस अवधि के दौरान हत्या के कुल 14 मामले दर्ज किए गए।प्रेमी जोड़े की नृशंस हत्या का मामला चर्चित रहाहल्द्वानी के गल्ला मंडी में सात महीने पहले हुई प्रेमी जोड़े के कत्ल की वारदात चर्चाओं में रही।इसी दौरान डहरिया में नितिन हत्याकांड भी हुआ। इसमें आरोपी पार्षद ने युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गौलापार में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह का सुसाइड मामला भी चर्चित रहा।

