बड़ी ख़बर:बीजेपी ने पार्टी चलाने के लिए कराई 30 करोड़ की एफडी, पूर्व मंत्री डॉ हरक सिंह रावत का आरोप
खुद भी एक करोड़ देने का किया दावा, बोले- ‘प्रदेश की खनन नीति ने भाजपा ने अपना घर भर दिया’
देहरादून। उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने बड़ा बयान देते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है, जिससे प्रदेश की सियासत गरमा गई है। डॉ हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की खनन नीति ने भाजपा ने अपना घर भर लिया है। उनका कहना है कि भाजपा ने संगठन चलाने के लिए जो एफडी बनाई है, उसमें उन्होंने वन मंत्री रहते हुए एक करोड़ रुपए से अधिक का योगदान दिया है।
डॉ हरक सिंह रावत ने यह एक करोड़ रुपए कहां से इकट्ठा किए, इसका भी उन्होंने जवाब दिया है। हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पार्टी चलाने के लिए बैंक में 30 करोड़ की एफडी बनाई है। उसमें उन्होंने भी खनन माफियाओं से लाकर एक करोड़ रुपए से अधिक रकम जुटाई है। डॉ रावत ने चुनौती दी कि इसको लेकर उन पर भी दोष है, इसलिए उनकी भी जांच होनी चाहिए। यदि भाजपा चाहे तो इसकी जांच करा ले।
डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि एफडी में किन-किन लोगों ने कितनी धनराशि दी है, इसकी जांच यदि ईडी ने ईमानदारी के साथ की, तो पूरी बीजेपी सलाखों के पीछे होगी। उन्होंने कहा कि जब वो प्रदेश के वन मंत्री हुआ करते थे, उस दौरान उन्होंने रामनगर व हल्द्वानी जाकर, जितने भी खनन के ठेकेदार थे, उनसे 10-10 लाख रुपयों के चेक लाने को कहा था। इसलिए वह इस मामले में अपने आप को भी दोषी मानते हैं।
डॉ रावत का कहना है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी खनन में डंका पीटने की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश में अवैज्ञानिक खनन की वजह से आपदाओं का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। डॉ रावत ने कहा कि वो खनन के खिलाफ नहीं हैं। तकनीकी रूप से नदियों की रेत बजरी हटनी चाहिए, ताकि नदी के बीच में गहराई बनी रहे, आसपास की बस्तियों को नुकसान भी नहीं हो।

