बड़ी खबर: सत्र के दूसरे दिन विधान सभा पटल पर रखा गया समान नागरिक संहिता बिल, विपक्ष ने किया हंगामा
देहरादून। पूर्व में किये गये वायदे को अमली जामा पहनाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र में समान नागरिक संहिता संबंधी विधेयक सदन के पटल पर रखा। कु़छ दिन पहले ही इससे इसके लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सीएम पुष्कर सिंह धामी को सौंपी थी।
सदन में पेश यूसीसी विधेयक की महत्वपूर्ण बातें –
– समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में सभी धर्मों में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल होगी
– पुरुष-महिला को तलाक देने के समान अधिकार
– लिव इन रिलेशनशिप डिक्लेयर करना जरूरी
– लिव इन रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 6 माह की सजा
– लिव-इन में पैदा बच्चों को संपत्ति में समान अधिकार
– महिला के दोबारा विवाह में कोई शर्त नहीं
– अनुसूचित जनजाति दायरे से बाहर
– बहु विवाह पर रोक, पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं
– शादी का रजिस्ट्रेशन जरूरी बिना रजिस्ट्रेशन सुविधा नहीं
– उत्तराधिकार में लड़कियों को बराबर का हक
– हर धर्म में शादी, तलाक के लिए एक ही कानून
– जो कानून हिंदुओं के लिए, वही दूसरों के लिए भी
– बिना तलाक एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएंगे
– मुसलमानों को 4 शादी करने की छूट नहीं रहेगी
– धार्मिक मान्यताओं पर कोई फर्क नहीं
– धार्मिक रीति-रिवाज पर असर नहीं
– ऐसा नहीं है कि शादी पंडित या मौलवी नहीं कराएंगे
– खान-पान, पूजा-इबादत, वेश-भूषा पर प्रभाव नहीं

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा जनता से किए गए प्रमुख वादों में यूसीसी पर अधिनियम बनाकर उसे प्रदेश में लागू करने की बात कही गयी थी। वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड प्रदेेश में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने मार्च 2022 में सरकार गठन के तत्काल बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन को मंजूरी दे दी थी।
विपक्ष की आपत्तियाँ-
यूसीसी की एक्सपर्ट्स कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में पेश की जानी चाहिए थी। ड्राफ्ट के अध्ययन को समय मिलना चाहिए।
लेकिन सरकार द्वारा विपक्ष को इस अधिकार से वंचित किया जा रहा है। आर्य ने प्रश्नकाल निलंबित होने पर कार्य संचालन नियमावली की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रश्न करने केअधिकार को खत्म किया जा रहा है।
दूसरी तरफ स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने सदन को आश्वस्त किया कि यूसीसी विधेयक को चर्चा के बाद ही पारित किया जाएगा। इसके बाद सीएम ने यूसीसी विधेयक पेश किया। इससे पूर्व, X पर लिखे संदेश में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है कि हम UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाले देश के पहले राज्य के रूप में जाने जाएंगे।
