बड़ी खबर: आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे मंत्री गणेश जोशी पर विपक्ष के हमले तेज़
राज्य सरकार के सामने आ खड़ी हुई अग्नि परीक्षा की घड़ी
देहरादून। प्रदेश केे कृषि मंत्री गणेश जोशी पर लगे आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। जोशी को लेकर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली प्रदेश सरकार भी उलझन में पड़ गई है।
दरअसल, इस हाईप्रोफाइल मामले में विशेष न्यायाधीश सतर्कता की अदालत ने मंत्री परिषद से निर्णय लेने को कहा है। गणेश जोशी पर मुकदमा चलाने की मंजूरी या इंकार के लिए विशेष विजिलेंस कोर्ट ने मंत्री परिषद को आठ अक्टूबर तक न्यायालय को अवगत कराने को कहा है। वहीं न्यायालय ने मामले में सुनवाई के लिए 19 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। अब कोर्ट को मामले में कैबिनेट के फैसले का इंतजार है।
वहीं इस मामले को लेकर प्रदेश की विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है।उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने मांग उठाई है कि इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं संज्ञान लेते हुए इस पर जांच बैठाएं। करन माहरा ने कहा कि सुचिता और जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाले मुख्यमंत्री के लिए यह परीक्षा की घड़ी है और अब देखना है कि कृषि मंत्री गणेश जोशी को पद से त्यागपत्र दिलाते हुए इस मामले की जांच बैठाते हैं या नहीं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी: इस बार बुरे फंसे
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री गणेश जोशी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। कांग्रेस के शासनकाल में भाजपा के एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस के शक्तिमान नामक घोड़े पर हमला करने और बाद में उसकी मौत हो जाने से गणेश जोशी का विवादों का सफर शुरू हुआ था। उसके बाद कभी उद्यान घोटाला तो कभी सैन्य धाम के निर्माण में गड़बड़ी के मामले को लेकर भी लगातार गणेश जोशी से जुड़ी खबरें आती रहीं और अब आय से अधिक संपत्ति मामले में उनकी जांच होनी है।
कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यह मामला बड़ा गंभीर है। न्यायालय ने सरकार से स्पष्ट रूप से यह अपेक्षा की है कि सरकार इस पर निर्णय ले कि जोशी के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए या नहीं ? उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार के आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने के मामले विपक्ष के नेताओं पर लगे होते तो अब तक केंद्रीय जांच एजेंसियां विपक्ष के उन नेताओं को जेल में डाल चुकी होती। अब सबकी निगाहें कैबिनेट के फैसले पर टिकी हैं।

