पड़ोस: अब सैन्य बसों पर हमला, पाक पर भारी पड़ रही बलूच लिबरेशन आर्मी

पड़ोस: अब सैन्य बसों पर हमला, पाक पर भारी पड़ रही बलूच लिबरेशन आर्मी
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वसी जैदी  
 बलूच आखिर कब तक इस्लामाबाद में बैठे शासकों और पाकिस्तानी सेना का शोषण व जुल्म सहेंगे? बलूचिस्तान में लोगों की हत्या की जा रही थी, युवाओं को पकड़कर बंदी बनाने और यातना देने का सिलसिला जारी था, युवतियों का अपहरण किया जा रहा था।  बलूचों के सम्मानित नेता बादशाह बुगती की हत्या के बाद से वहां असंतोष तीव्र हो चला था।  बलूचिस्तान के बंदरगाह ग्वाडर को चीन के हवाले कर पाकिस्तान मनमानी कर रहा था।
बलूचिस्तान में खनिजों का भंडार है फिर भी वहां कोई उद्योग-धंधा नहीं है और भारी बेरोजगारी व भुखमरी की स्थिति पाकिस्तान ने पैदा कर रखी है।  इसके प्रतिरोध में बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी कार्रवाई तीव्र कर दी है।  उसे टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) का भी समर्थन प्राप्त है। पहले तो जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण किया गया और महिलाओं व बच्चों को छोड़कर 30 पाकिस्तानी सैनिकों को मारा गया, ट्रेन हाईजैक की घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से दावे-प्रतिदावे होते रहे।  इस घटना के बाद पाकिस्तानी सेना के क्वेटा से ताफ्तान जा रहे 8 बसों के काफिले पर हमला किया गया।
बीएलए का दावा है कि इस आत्मघाती हमले में 90 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।  क्या पाकिस्तान इस संकट से खुद को बचा पाएगा? बलूचिस्तान में हालात नियंत्रण के बाहर हो गए हैं।  कहीं वह भी बांग्लादेश के समान पाकिस्तान के कब्जे से बाहर न निकल जाए! ऐतिहासिक तथ्य है कि बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान बनाने की योजना में शामिल ही नहीं था।  वह ‘कलात’ कहलाता था जो कि पहले ओमान सल्तनत के अंतर्गत आता था।  बलूचिस्तान को पाकिस्तान ने जबरन हथिया लिया जबकि वह भारत के साथ रहने की इच्छा रखता था।  यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है।
पंजाब और सिंध प्रांत इसकी तुलना में छोटे हैं।  हो सकता है कि पाकिस्तान चीन की मदद से बलूचों को कुचलने की कोशिश करे लेकिन आत्मघाती या फिदायीन हमलों पर उतारू बलूच अब डरने या दबनेवाले नहीं हैं।  खुद के दोषों पर परदा डालने के लिए पाकिस्तान बलूच आतंकियों के पीछे भारत का हाथ होने का बेतुका आरोप लगा रहा है।  खुद पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और भारत पर भयानक आतंकी हमले करवाए।  अब वह अपनी करनी का फल भोग रहा है।  ट्रेन से लेकर सड़कों तक बलूच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान की नाक में दम कर रही है।
(ये लेखक के निजी विचार हैं)

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