पंचायत चुनाव: टिकट को लेकर भाजपा-कांग्रेस में फूटे बगावत के सुर,नामांकन के आखिरी दिन लगे झटके
बागी कार्यकर्ताओं ने कराया भारी समर्थन के साथ नामांकन
रुद्रप्रयाग। जिले में इस बार जिला पंचायत चुनाव रोमांचक होने जा रहा है। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा के साथ ही कांग्रेस को भी बड़े झटके लगे हैं। यहां जिला पंचायत सीट पर टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने ताल ठोक दी है। जहां उनमें पैराशूट प्रत्याशी को टिकट देने से नाराजगी है, वहीं वे राष्ट्रीय पार्टियों के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाने की बात कह रहे हैं। जिससे कहीं ना कहीं भाजपा-कांग्रेस को साफ तौर पर नुकसान पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं।
बीते शनिवार को जिला पंचायत सभागार कक्ष में नामांकन की प्रक्रिया संपंन हो चुकी है, जिसके बाद से नेताओं ने ग्रामीण इलाकों का चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। जो नेताजी लम्बे समय से क्षेत्र में बने हुए हैं, उन्हें गांव की पगडंडियों को नापने में कोई परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन जो नेता इन दिनों ही जनता को दिखाई दे रहे हैं, उनके लिए अपनी पहचान को जनता के बीच रखने में ही मुश्किलें खड़ी होती दिख रही हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में 18 जिला पंचायत सीटे हैं, जिनमें भाजपा ने अपने पूरे प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने मात्र 10 सीटों पर ही अपने प्रत्याशी मैदान में खड़े किए हैं। मगर भाजपा-कांग्रेस के सामने असमंजस की स्थिति भी पैदा हो गई है, जो कार्यकर्ता लम्बे समय से क्षेत्र में बने हुए थे। पार्टी ने उन्हें टिकट ना देकर पैराशूट प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों के कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर हो-हल्ला मचा हुआ है।
भाजपा के लिए जिला पंचायत ल्वारा, त्रियुगीनारायण, सतेरा के साथ सुमाड़ी सीट को जीतना टेढ़ी खीर बन गया है। यहां ल्वारा सीट पर पैराशूट प्रत्याशी को उतारे जाने से कार्यकर्ताओं में विघटन की स्थिति बन गई है। ऐसे में यहां सुबोध बगवाड़ी ने प्रत्याशी के विरूद्ध नामांकन दाखिल करवा दिया है। उन्हें यहां कांग्रेस का भी समर्थन मिल रहा है, जबकि कांग्रेस ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। इसके अलावा त्रियुगीनारायण, सतेरा और सुमाड़ी सीट पर भी लम्बे समय से तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं को टिकट ना मिलने से बगावत के स्वर फूटने लगे हैं। सतेरा सीट पर वरिष्ठ भाजपा नेता घनश्याम पुरोहित नामांकन किया है। ऐसे में ये सीटे हॉट बनी हुई है।
वहीं कांग्रेस की बात की जाए तो चोपता, रतूड़ा, सुमाड़ी वार्ड से बगावत की गई है। यहां पार्टी प्रत्याशी नहीं बनाये जाने पर कार्यकर्ताओं ने नामांकन करवाया है। चोपता से संपन नेगी और बलदेव नेगी ने बगावत की है। इसके अलावा सुमाड़ी और रतूड़ा में भी टिकट ना मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने नामांकन करवाया है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो पंचायत चुनावों में अपने ही अपनों की नैया डूबाते हुए नजर आयेंगे। जिस प्रकार से पंचायत चुनावों में राष्ट्रीय पार्टियों के कार्यकर्ताओं में विघटन की स्थिति पैदा हो गई है, यह भविष्य के लिए भी शुभ संकेत नहीं है।

