तैयारी: समुद्र मंथन की थीम पर सजेगा कुंभ का स्वागत द्वार, मंडावर से दिखेगी देवभूमि की सांस्कृतिक झलक
हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा पर मंडावर-छुटमलपुर में भव्य स्वागत द्वार आकार ले रहा है। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा और कुंभ की आध्यात्मिक परंपरा को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा यह स्वागत द्वार श्रद्धालुओं के लिए केवल प्रवेश का संकेत नहीं होगा, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से परिचय कराने वाला प्रमुख आकर्षण भी बनेगा।
मेला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्मित कराए जा रहे इस स्वागत द्वार के लिए राज्य सरकार ने 204.19 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। लगभग साढ़े छह मीटर ऊंचा यह स्वागत द्वार कुंभ नगरी हरिद्वार की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रवेश बिंदु के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका वास्तुशिल्प और सज्जा कुंभ के आध्यात्मिक महत्व के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रतिबिंबित करेगी।
समुद्र मंथन भारतीय पौराणिक परंपरा में कुंभ की अवधारणा से गहराई से जुड़ी कथा है। इसी कथा से अमृत कलश और कुंभ पर्व की धार्मिक मान्यता का संबंध माना जाता है। ऐसे में समुद्र मंथन की थीम पर आधारित स्वागत द्वार श्रद्धालुओं को कुंभ की आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ने के साथ ही हरिद्वार की धार्मिक महत्ता का प्रतीक बनेगा।
यह मार्ग उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार पहुंचने के प्रमुख मार्गों में शामिल है। ऐसे में मंडावर में बनने वाला यह स्वागत द्वार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए कुंभ नगरी की पहली भव्य झलक प्रस्तुत करेगा। प्रवेश द्वार के आसपास के क्षेत्र में भी आवश्यक सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, ताकि कुंभ क्षेत्र में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को एक आकर्षक और उत्सवपूर्ण वातावरण का अनुभव हो।
स्वागत द्वार का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को भी कहा है।
मंडावर का यह स्वागत द्वार कुंभ नगरी हरिद्वार में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भव्य स्वागत स्थल के रूप में विकसित होगा। समुद्र मंथन की पौराणिक गाथा से जुड़ी इसकी थीम श्रद्धालुओं को कुंभ की धार्मिक परंपरा और हरिद्वार की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान की भव्य झलक भी प्रस्तुत करेगी।

