तैयारी: प्रशासन ने शीतलकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने को कसी कमर, योजना हो रही तैयार

तैयारी: प्रशासन ने शीतलकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने को कसी कमर, योजना हो रही तैयार
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नई टिहरी।  जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जिले में धार्मिक, साहसिक, योग साधना और पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध स्थलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कहा कि सीएम ने शीतलकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। डीएम मयूर ने बताया कि टिहरी जनपद साहसिक और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। शीतकालीन पर्यटन से स्थानीय लोगों की आजीविका संवर्धन भी की जा सकती है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर कद्दूखाल और धनोल्टी से लगा हुआ है। जबकि चंद्रबदनी मंदिर हिंडोलाखाल से देवप्रयाग, कुंजापुरी देवी मंदिर ऋषिकेश व नरेंद्रनगर से निकट है। वहीं सेम नागराजा मंदिर मुखेम प्रतापनगर, कांगुड़ा नागराजा मंदिर थौलधार, कैलापीर बूढ़ाकेदार मंदिर घनसाली, घंटाकर्ण मंदिर गजा, घंटाकर्ण मंदिर लोस्तू बडियारगढ़ कीर्तिनगर, श्री रघुनाथ मंदिर व संगम स्थली पवित्र भगीरथी व अलकनंदा नदी देवप्रयाग, श्री गुरु माणिनाथ मंदिर मगरौ कोटी, सूर्य मंदिर पलेठी देवप्रयाग शामिल हैं। इसके साथ ही योग साधना, साहसिक पर्यटन की दृष्टि से ब्रह्मपुरी, शिवपुरी, कौड़ियाला, टिहरी बांध की झील, धनोल्टी, नागटिब्बा, कैंपटी फॉल, खतलिंग ग्लेशियर, पंवाली कांठा, सहस्त्रताल, मासर ताल प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। डीएम ने बताया कि सीएम के निर्देशों के तहत इन धार्मिक और पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार सहित जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विभागों को निर्देश दिए हैं।

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