टिहरी व उत्तरकाशी में बजाज फाइनेंस और उत्तराखंड पुलिस की पहल: ‘अर्थसूत्र संवाद’ के जरिए हजारों छात्रों को दी वित्तीय साक्षरता व साइबर सुरक्षा की सीख
• उत्तराखंड के दो पर्वतीय जिलों में ‘अर्थसूत्र संवाद’ अभियान का भव्य आयोजन; अनजान लोगों से आधार नंबर, ओटीपी न साझा करने की अपील
• महंगे गैजेट्स और ईएमआई के लिए माता-पिता पर दबाव न डालने के लिए सैकड़ों विद्यार्थियों ने ली शपथ
• वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 और ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व पर दिया गया विशेष जोर
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से, भारत की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने राज्य के दो सीमांत जिलों—टिहरी और उत्तरकाशी (चिन्यालीसौड़) के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में अपने प्रमुख वित्तीय साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा अभियान, ‘अर्थसूत्र संवाद’ का सफल आयोजन किया।
‘अर्थसूत्र संवाद’ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की वित्तीय जागरूकता पहलों के अनुरूप संचालित एक जमीनी स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य युवाओं और ग्रामीण समुदायों को वित्तीय रूप से जागरूक, आत्मविश्वासी तथा डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना है।
लम्बगांव और प्रतापनगर (टिहरी) में साइबर सुरक्षा की पाठशाला
टिहरी जिले के अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज लम्बगांव और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज प्रतापनगर में आयोजित विशेष सत्रों में पुलिस अधिकारियों और शिक्षाविदों ने छात्रों को डिजिटल सतर्कता का पाठ पढ़ाया।
इस दौरान लम्बगांव थाना प्रभारी महिपाल सिंह रावत ने विद्यार्थियों को सचेत करते हुए कहा: “साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए और बेहद चालाक तरीके अपना रहे हैं। किसी भी सूरत में अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे—आधार कार्ड नंबर, ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक खाता विवरण किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। फेसबुक या इंस्टाग्राम पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें, क्योंकि यह आपको धोखाधड़ी का शिकार बना सकता है। यदि किसी के साथ वित्तीय साइबर ठगी होती है, तो पहले 60 मिनट ‘गोल्डन ऑवर’ होते हैं। तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने से ठगी गई राशि को फ्रीज करने और वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।”
कार्यक्रम में उनके साथ एएसआई आनंद सिंह रावत, हेड कांस्टेबल अनिल भट्ट और नीरज चौहान भी मौजूद रहे। साथ ही, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज लम्बगांव के प्रधानाचार्य धनराज सिंह कोहली और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज प्रतापनगर की प्राचार्या यशोदा चौधरी ने भी विशेष रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) में व्यापक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम
उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में अभियान की शुरुआत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ग्राम चिन्यालीसौड़ से हुई, जिसके बाद यह राजकीय हाई स्कूल बधाणगांव, राजकीय हाई स्कूल कांसी और राजकीय इंटर कॉलेज कोट तक पहुँचा।
उद्घाटन सत्र में नगरपालिका अध्यक्ष मनोज कोहली, समाज सेवक सुमन बडोनी, प्रमुख नेता मनीष कुकरेती, ब्लॉक प्रमुख (चिन्यालीसौड़) रणवीर सिंह महर तथा साइबर क्राइम उप-निरीक्षक अनूप नयाल व ललित जोशी ने सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान साइबर क्राइम उप-निरीक्षक अनूप नयाल ने कहा: “डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। साइबर अपराध की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, कार्रवाई उतनी ही प्रभावी होगी। उत्तराखंड पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन नागरिकों और छात्रों को भी ‘साइबर एंबेसडर’ बनकर अपने आसपास के लोगों को इसके प्रति जागरूक करना होगा।”
बधाणगांव में ग्राम प्रधान यशपाल परमार, प्रवीन रंगड़, प्रधानाचार्य विनोद कुमार और खिलांनद नौटियाल तथा कांसी में प्रधान प्रतिनिधि महीपाल सिंह पंवार, बीडीसी सदस्य महावीर सिंह राणा व प्रधानाचार्य ललित कुमार उपस्थित रहे।
ईएमआई के दबाव के खिलाफ छात्रों की शपथ और सिबिल (CIBIL) जागरूकता
अभियान के दौरान दोनों जिलों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने यह औपचारिक शपथ ली कि वे महंगे स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या अन्य उत्पाद ईएमआई (EMI) पर खरीदने के लिए अपने माता-पिता पर अनुचित दबाव नहीं डालेंगे।
सत्रों में ‘जरूरत’ और ‘शौक’ के बीच अंतर समझाते हुए यह बताया गया कि समय पर ईएमआई का भुगतान करने और अनुशासित वित्तीय व्यवहार बनाए रखने से एक अच्छा क्रेडिट प्रोफाइल और बेहतर सिबिल (CIBIL) स्कोर कैसे निर्मित होता है, जो भविष्य में वित्तीय पात्रता को मजबूत करता है।
बजाज फाइनेंस का दृष्टिकोण
बजाज फाइनेंस के प्रवक्ता ने इस दौरान कहा: “वित्तीय साक्षरता का अर्थ केवल बचत करना या ऋण लेना नहीं है, बल्कि वित्तीय सेवाओं के साथ आने वाले जोखिमों को समझना और सही निर्णय लेना है। ‘अर्थसूत्र संवाद’ के माध्यम से हम समुदायों को वित्तीय रूप से आत्मविश्वासी और सुरक्षित बना रहे हैं। हमारा संदेश स्पष्ट है—अपनी वित्त योजना बनाएं, जिम्मेदारी से उधार लें, अपनी गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें और साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 पर रिपोर्ट करें।”

