चीला हादसा: लापता महिला अधिकारी की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी, दुर्घटना की जांच शुरू

चीला हादसा: लापता महिला अधिकारी की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी, दुर्घटना की जांच शुरू
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अब तक की जांच में वाहन के टायर फटने की बात साबित नहीं

देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व में चीला मार्ग पर सोमवार शाम हुई सड़क दुर्घटना में चीला नहर में लापता हुई महिला वन्य जीव प्रतिपालक का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। जिसकी तलाश में एसडीआरएफ टीम लगातार जुटी हुई है।
बता दे कि सोमवार शाम चीला मार्ग पर राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक इंटरसेप्टर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना तब हुई जब चीला रेंज में लाए गए इस नए वाहन की टेस्टिंग की जा रही थी। वाहन में राजाजी पार्क के कई अधिकारीकृकर्मचारियों सहित वाहन निर्माता कंपनी के कर्मचारी भी सवार थे। चीला पावर हाउस से करीब 100 मीटर आगे ऋषिकेश की ओर अचानक वाहन का पिछला टायर फट जाने से वाहन अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकराने के बाद चीला शक्ति नहर के पैराफीट से जा टकराया था। इस दुर्घटना में चीला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) शैलेश घिल्डियाल, उप वन क्षेत्राधिकारी (डिप्टी रेंजर) प्रमोद ध्यानी, चालक सैफ अली खान तथा अक्षा ग्रुप दिल्ली के कर्मचारी कुलराज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पांच घायलों को एम्स की ट्रामा इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। महिला वन्य जीव प्रतिपालक आलोकी वाहन से छिटक कर चीला नहर में जा गिरी थी। तब से महिला अधिकारी आलोकी लापता चल रही है।
वहीं वन मंत्री ने मामले में घटनास्थल पर पहुंचकर लापता महिला अधिकारी की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने एसडीआरएफ के अधिकारियों को सर्चिंग अभियान में तेजी लाने की बात कही।
हादसे में लापता वन्य जीव प्रतिपालक का दूसरे दिन भी कुछ पता नहीं चल पाया। एसडीआरएफ ने 19 गोताखोरों को सर्चिंग अभियान में उतारा है जो उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। वहीं इस सड़क दुर्घटना की जांच के लिए मंगलवार शाम परिवहन विभाग की तकनीक टीम मौके पर पहुंची। तकनीकी टीम के अनुसार दुर्घटना का कारण टायर फटना नहीं बल्कि प्रथम दृष्टया चालक का वाहन से नियंत्रण खोना सामने आया है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

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