क्रिप्टो ट्रेडिंग: स्पेशल 26 की तर्ज पर नकली सीबीआई अधिकारी बनकर लाखों लूटे

क्रिप्टो ट्रेडिंग: स्पेशल 26 की तर्ज पर नकली सीबीआई अधिकारी बनकर लाखों लूटे
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देहरादून। शेयर और क्रिप्टो ट्रेडिंग करने वाले कारोबारी के अपहरण कर्ता उनकी ट्रेडिंग वॉलेट के 95 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करने के लिए आए थे लेकिन अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। जिसके चलते उन्होंने कारोबारी का अपहरण कर लिया था।

अपहरणकर्ता यहां नकली सीबीआई अधिकारी बनकर कारोबारी के घर में आए थे। पुलिस ने अपहरण करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि कारोबारी का राज बताने वाला आरोपी अभी फरार है।

स्पेशल 26 फिल्म की तर्ज पर अपहरण कर्ताओं ने कारोबारी से ट्रेडिंग का पैसा हड़पने के लिए योजना बनाई थी। यह लोग नकली सीबीआई अधिकारी बनकर पहुंचे थे लेकिन इन्हें अपने इरादों में कामयाब नहीं मिल सकी।

जानकारी के अनुसार कारोबारी के अपहरण और लूट को लेकर पुलिस ने हर दिशा में काम किया। रविवार शाम को इन तीनों आरोपियों आशीष कुमार निवासी एमआर पैलेस सहारनपुर, सोनू निवासी बुरावा शहर झज्जर, हरियाणा और सुमित कुमार निवासी मोहल्ला महादेव मंदिर सहारनपुर को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चौथा आरोपी अभिषेक सैनी निवासी सहारनपुर फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है।

अभिषेक जानता था कारोबारी का हर राज

पुलिस के अनुसार कारोबारी अमित शेयर ट्रेडिंग करने के साथ ही ट्रेडिंग सिखाता भी हैं। अभिषेक सैनी अमित सिंह ट्रेडिंग सीख रहा था और इसीलिए वह उनके लगभग हर राज जानता था। आरोपियों के अनुसार अभिषेक ने ही उन्हें सारी बात बताई थी। अभिषेक ने बताया था कि अमित ने उससे 6 लाख रुपए लेकर ट्रेडिंग में लगाए हैं। और वापस भी नहीं किये हैं।

अभिषेक ने बताया था कि अमित कश्यप लोगों से रुपये लेकर मार्किट में निवेश करता है। अमिटके पास कई ट्रेडिंग वालेट है जिनमें करोड़ों रोये हो सकते हैं। एक वालेट के बारे में अभिषेक को पता था जिसमें 95 लाख रुपये थे। अमित ने पिछले दिनों एक सेमिनार सहारनपुर में किया था। जिसमें उसने कई लोगों को कार, मोबाइल, एलईडी, स्मार्ट वाच और अन्य सामान उपहार में दिए थे।

ट्रेडिंग के 95 लाख हड़पने की थी योजना

ट्रेडिंग के 95 लाख हड़पने के लिए इन चारों में मिलकर योजना बनाई कि वे सीबीआई अधिकारी बनकर अमित को डराने के लिए देहरादून जायेंगे। उसका लैपटॉप कब्जे में लेकर वालेट से रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लेंगे। इस योजना के अनुसार आशीष, सोनू और सुमित 28 अगस्त को देहरादून पहुंचे। अभिषेक सैनी उन्हें मोथरोवाला में ही मिला। अभिषेक ने अमित के घर और अकादमी के बारे में जानकारी दी। रात को 10:30 बजे के आसपास आशीष, सोनू और सुमित अमित के दोस्त के फ्लैट पर पहुंच गए।

अमित और मुकुल ने नहीं दी वालेट की जानकारी

यहां अमित का दोस्त मुकुल और युवती नशे की हालत में थे। इसके बाद उन्होंने अपनी योजना को दूसरे दिन अंजाम देने के बारे में सोचा और सुबह करीब 6:15 बजे तीनों फ्लैट में पहुंचे। जबकि अभिषेक गाड़ी में ही बैठा रहा। इन तीनों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और उनकी वीडियो बनाने लगे।

उन्होंने फ्लैट में रखे सवा तीन लाख रुपए, छह मोबाइल, एक टैब और दो लैपटॉप वहां से उठा लिए। अमित और मुकुल से वॉलेट की जानकारी मांगी लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। इसके बाद अमित और मुकुल को आरोपियों ने उसी की गाड़ी में बैठा लिया और वहां से चले गए।

जबकि अभिषेक दूसरी गाड़ी में उनके पीछे ही चल रहा था। यह लोग रास्ते में वॉकी टॉकी से बात कर रहे थे और इन लोगो ने अपने मोबाइल बंद रखे हुए थे। इसी दौरान बहाने से अमित गाड़ी से कूद गया लेकिन आरोपी मुकुल को लेकर फरार हो गए और उसे डाटकाली मंदिर के पास छोड़ दिया। आरोपियों ने जिस नकली पिस्तौल का प्रयोग किया था उसे और वॉकी टॉकी को भी जंगल में फेंक दिया था।

गांव में छुपे रहे आरोपी

आरोपियों ने बताया कि मुकुल को छोड़ने के बाद वापस देहरादून आकर अभिषेक को मोथरोवाला चौक छोड़कर हम तीनों हरिद्वार के रास्ते सामान लेकर सहारनपुर पहुंचे। सहारनपुर में हमने सोनू को एक लाख 10 हजार रूपये देकर छोड़ दिया व हम दोनों अपने-अपने घर चले गये। अगले दिन हमें जानकारी मिली की पुलिस हमें ढूंढ रही ही, हम चारों ने अपने-2 फोन बन्द कर दिये और सिम तोड़ दिये। आशीष, सुमित गाँव में छुपे रहे व अभिषेक देहरादून से फरार हो गया। दूसरे दिन सोनू भी हमारे पास सहारनपुर आ गया और हम तीनों गांव में अलग-2 जगह छुपे रहे।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

टीम प्रभारी कुन्दन राम थानाध्यक्ष थाना रायपुर देहरादून, नवीन जोशी वउनिरी थाना रायपुर देहरादून,
उनि राजेश असवाल चौकी प्रभारी मयूर विहार रायपुर देहरादून, हेका सन्तोष कुमार, हेका दीपप्रकाश, हेका
प्रदीप सिंह, का. सौरभ वालिया, का. प्रमोद कुमार, का.मनोज कुमार, का. पंकज, का. हिमांशु, का. रविन्द्र टम्टा (थाना डोईवाला), मका. दीपिका, मका मीना

एसओजी टीम

1- एसओजी प्रभारी निरीक्षक एनके भट्ट
2- उनि हर्ष अरोडा
3- हेका किरन, कानि ललित, कानि नरेन्द्र, कानि देवेन्द्र, कानि विपिन, कानि रविन्द्र, कानि आशीष

 

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