कामयाबी: पुलिस के हत्थे चढ़ा ठक-ठक गैंग, लाखों रुपये के मोबाइल के साथ तीन टप्पेबाज गिरफ्तार
टप्पेबाजों से 6 लाख की कीमत के 6 मोबाइल के साथ ही एक तमंचा व घटना में प्रयुक्त की गई होंडा सिटी कार भी बरामद
देहरादून। लाखों रुपये की कीमत के मोबाइल के साथ दून पुलिस ने तीन टप्पेबाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 6 लाख रुपये की कीमत के 6 मोबाइल, कारतूस के साथ एक तमंचा व घटना में इस्तेमाल की गई होंडा सिटी कार बरामद की है।
जानकारी क अनुसार, विशेष नौटियाल ने थाना नेहरू कालोनी में लिखित प्रार्थना पत्र दिया था कि गत 25 मई की सांय करीब 7 बजे वह अपने वाहन होंडा अमेज से कहीं जा रहे थे, इसी बीच धर्मपुर चौक पर रेड लाइट होने के कारण वो अपने वाहन को रोककर खडे़ थे, तभी एक व्यक्ति ने उनकी तरफ का शीशा खटखटाते हुए उन्हें अपने पैर पर उनका वाहन चढ़ने की बातें कहकर अपनी बातों में उलझाया। उसी दौरान दूसरी तरफ की खिड़की से एक अन्य व्यक्ति ने उनकी बगल वाली सीट पर रखा मोबाइल फोन चुपके से निकाल लिया। नेहरूकालोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इसी तरह की घटना का मुकदमा अतुल चौहान ने भी लिखवाया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। कई अन्य थानों में भी इस तरह के मामले सामने आए। पुलिस ने सीसीटीवी खंगालते हुए टप्पेबाजों की पहचान की। साथ ही सर्विलांस के माध्यम से भी आरोपियों के संबन्ध में जानकारी एकत्रित करते हुए स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। इसी बीच पुलिस टीम को मुखबिर के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई कि मोथोरावाला क्षेत्र में दिल्ली नम्बर की एक हौंडा सिटी कार में सवार कुछ व्यक्ति एक आईफोन को सस्ते दामों में बेचने का प्रयास कर रहे हैं, जो सम्भवतः नेहरू कालोनी क्षेत्र में हुई टप्पेबाजी की घटना से सम्बन्धित हो सकता है। सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मोथोरावाला क्षेत्र में नौका रोड पर वाहनों की चैकिंग प्रारम्भ की । इसी बीच पुलिस टीम को दिल्ली नम्बर की एक होंडा सिटी कार मोथोरावाला की ओर से आती हुई दिखाई दी, जिसे रोकने का प्रयास करने पर कार चालक ने तेजी से वाहन को मोड़कर दूसरी दिशा में भागने का प्रयास किया, जिसे पुलिस टीम ने घेर-घोट कर रोक लिया। इसी बीच वाहन में सवार तीन व्यक्ति वाहन से उतरकर नदी की ओर भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। तीनों व्यक्तियों द्वारा अपने नाम यूसुफ पुत्र शौकत अली निवासी इस्पात नगर, लिसाडीगेट मेरठ, रिजवान पुत्र इमरान, निवासी ढोलकी मौहल्ला मेरठ व आदिल पुत्र शम्सुद्दीन निवासी बुलंदशहर बताये गये। भागने का कारण पूछने पर उन्होंने अपने पास लाइसेंस न होने का बहाना बनाया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को वाहन के डेसबोर्ड से 6 मोबाइल फोन अलग-अलग कम्पनियों के तथा एक अवैध देसी तमंचा मय जिंदा कारतूस बरामद हुए, जिनके सम्बन्ध में सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने मोबाइलों को देहरादून में रिस्पना पुल, धर्मपुर, आईएसबीटी, प्रिंस चौक व अन्य स्थानों से टप्पेबाजी की घटना में चोरी करना स्वीकार किया गया। पुलिस ने तीनों टप्पेबाजों को न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया।
नशे की जरूरत पूरी करने के लिए करते थे टप्पेबाजी
टप्पेबाज यूसुफ ने बताया कि वे तीनों नशे के आदी हैं तथा अपने नशे की पूर्ति के लिये टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। टप्पेबाजी की घटना को अंजाम देने से पहले वह चौराहों तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर आने-जाने वाली गाड़ियों पर लगातार नजर रखते हैं तथा ऐसी गाड़ी को चिन्हित करते हैं, जिसमें वाहन चालक ने अपना मोबाइल फोन सीट पर रखा हो, उसके बाद हममें से एक आदमी वाहन के पास जाकर अपना पैर उसके पहिये के नीचे आने की बात कहकर उससे उसकी गाड़ी का शीशा खुलवाते हुए उसे अपनी बातों में उलझाते हैं तथा इसी बीेच दूसरा व्यक्ति दूसरी तरफ से जाकर गाड़ी की सीट पर रखा मोबाइल फोन चोरी कर लेता है।

