ऐलान: मानसून सत्र में क्षैतिज आरक्षण का विधेयक पारित न होने पर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे आंदोलनकारी

ऐलान: मानसून सत्र में क्षैतिज आरक्षण का विधेयक पारित न होने पर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे आंदोलनकारी
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पिछले 36 दिनों से शहीद स्मारक पर चल रहा धरना फिलहाल स्थगित

देहरादून। मंगलवार को यहां  शहीद स्मारक पर संयुक्त राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा एक आपात बैठक आहूत की गई। जिसमें गत दिवस आयोजित मुख्यमंत्री आवास के घेराव के बाद मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के सम्बंध में चर्चा करते हुए विचार विमर्श किया गया। इस पर सभी संगठनों ने माना कि यद्यपि वार्ता सकारात्मक हुई तथापि पूर्व के  कटु अनुभवों के दृष्टिगत बहुत आश्वस्त भी नहीं रहा जा सकता। इसलिए मानसून सत्र तक  इंतजार करने का निर्णय लिया गया।

आंदोलनकारी मंच के प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती व वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं डीएवी महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष वीरेन्द्र पोखरियाल ने कहा कि यदि मानसून सत्र में राज्य आंदोलनकारियों हेतु 10% क्षैतिज आरक्षण का विधेयक पारित नहीं हुआ तो अगली बार आंदोलनकारी आर–पार की लड़ाई लड़ने के लिए बाध्य होंगे।

मंच के सह संयोजक अम्बुज शर्मा ने कल के घेराव में सहभाग करने पहुंचे सभी साथियों का धन्यवाद करते हुऐ कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा वार्ता के लिए आमंत्रित करना सभी साथियों की विजय है। जल्दीबाजी में कुछ जिलों का प्रतिनिधित्व नहीं पहुंच पाया जिसका उन्हें खेद है। भविष्य में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिया जायेगा। इसके बाद उन्होंने बताया कि 36 दिनों (5 जून) से  शहीद स्मारक पर चल रहा धरना ‘फिलहाल’ स्थगित किया जा रहा है।

    बैठक में राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के नवनीत गुसाईं, सुरेश कुमार,सतेंद्र सिंह भंडारी,नवीन नैथानी, लाखन सिंह चिलवाल, हरि प्रकाश शर्मा, प्रेम सिंह नेगी, विनोद सिंह असवाल,सूर्यकांत शर्मा व प्रभात डंडरियाल आदि अनेक  आंदोलनकारी उपस्थित थे।

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