आवाज़: राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे जनसंगठन

आवाज़: राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे जनसंगठन
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हल्द्वानी।  बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन, आंदोलन तेज करने की तैयारी में है। संगठन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने पुराना बिंदुखेड़ा में बैठक कर सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजस्व ग्राम का मुद्दा लंबे समय से अधर में लटका है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। 19 जून को राजस्व ग्राम संबंधी दावों की स्वीकृति के दो वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन और देहरादून में आमरण अनशन की तैयारी भी की जाएगी। ग्रामीणों की ओर से मामले को न्यायालय में ले जाने के सुझाव पर भी चर्चा हुई, जिस पर आगे जनमत के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा और प्रत्येक बूथ से अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में यह भी कहा गया कि यदि राजनीतिक दल वन भूमि पर बसे लोगों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देते हैं तो संगठन भविष्य में अपना प्रत्याशी उतारने के विकल्प पर भी विचार कर सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सूबेदार केदार सिंह बिष्ट ने की। इस दौरान प्रताप सिंह बिष्ट, चंचल सिंह कोरंगा, इंद्र सिंह पनेरी, बलवंत सिंह बिष्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, भुवन भट्ट, गोविंद सिंह बोरा, सुंदर सिंह बिष्ट, दर्शन सिंह, रमेश सुयाल, एसडी मेलकानी, तारा दत्त जोशी, दीपक सिंह नेगी, भूपेश जोशी, धन सिंह गड़िया व प्रदीप सिंह कुंवर आदि मौजूद रहे।

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