आवाज़: महिला संगठनों का सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन, समानता एवं अधिकारों के लिए उठाई एकजुट आवाज़
देहरादून। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के आह्वान पर जनवादी महिला समिति, कामगार यूनियन (सीटू) आंगनबाड़ी,आशा वर्कर्स व भोजन माताओँ ने आज राज्य सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन कर अपर सिटी मजिस्ट्रेट मायादत्त जोशी के माध्यम प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया ।
आज लगभग 1 बजे संयुक्त बैनर के तले जनवादी महिला समिति, सीटू से सम्बंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका यूनियन,भोजन माता कामगार यूनियन, उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन का जुलूस सीटू के जिला कार्यालय से घंटाघर होते हुए राजपुर रोड , गांधीपार्क, सुभाष रोड पहुंचा, जहां सचिवालय के समक्ष जलूस सभा में परिवर्तित हो गया ।
इस अवसर वक्ताओं ने कहा कि शासकवर्ग की कार्पोरेट एवं अमीरपरस्त नीतियों के कारण देश में दिनप्रतिदिन अमीरी-गरीबी की खाई बढ़ती जा रही है। बढ़ती मंहगाई और बेरोजगारी ने जनता की हालत बदहाल कर दी है। वक्ताओं ने कहा कि हालात यह हैं कि देश की 23 करोड़ आबादी नारकीय जीवन जीने को विवश है। वक्ताओं ने भाजपा सरकार की साम्प्रदायिक, कारपोरेटपरस्त, फूटपरसत तथा विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुटता के साथ संघर्ष चलाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने महिलाओं के सवालों तथा उनके साथ हो रहे भेदभाव, हिंसा तथा आयेदिन महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों पर गहरी चिन्ता व्यक्त की। इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने एकजुटता के साथ जनता तथा महिलाओं के सवालों पर संघर्ष तेज करने पर बल दिया। इस अवसर पीएम एवं सीएम के नाम 19 सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित गया, जिसमें संसद एवं विधायकाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने, महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसाओं पर रोक लगाने, महिलाओं के स्वालम्बन के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मुहैया कराने ,चारों श्रम संहिताओं, बिजली बिल वापस लेने, सभी जरूरतमंद परिवारों को खाध्य सुरक्षा दिये जाने, समान काम के लिए समान वेतन दिये जाने , पति पत्नी के नाम पर संयुक्त जमीन का पट्टा दिये जाने ,बेतहाशा बढ़ती मंहगाई व बेरोजगारी पर रोक लगाए जाने ,गलत ढंग से फंसाए गये मानवाधिकार व राजनैतिक कार्यकर्ताओं को रिहा किये जाने, साम्प्रदायिक व सौहार्दपूर्ण माहौल कायम करने के लिए अबिलम्ब धर्म एवं साम्प्रदायिक आधार पर हो रही घृणा की राजनीति को बन्द कराने, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा दिये जाने, आशाओं को समुचित मानदेय दिये जाने तथा भोजन माताओं का मानदेय बढ़ाये जाने की मांगें शामिल हैं।

प्रमुख रूप से महिला समिति की प्रांतीय उपाध्यक्ष इन्दु नौडियाल, महामंत्री दमयंती नेगी, आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की अध्यक्ष शिवा दुबे,आंगनबाड़ी कार्यकत्री /सेविका कर्मचारी यूनियन की अध्यक्ष जानकी चौहान, भोजन माता कामगार यूनियन की महामंत्री मोनिका तथा सीआईटीयू के जिला महामन्त्री लेखराज आदि ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। सभा का संचालन जनवादी महिला समिति की प्रांतीय महामंत्री दमयंती नेगी एवं आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने किया।
प्रदर्शन में नूरैशा अंसारी,बिंदा मिश्रा, अनिता, अंजली, सुषमा,जानकी, निर्मला, किरन, आरती, सीमा, कान्ति, मालती, लक्ष्मी (महिला समिति), लक्ष्मी पन्त (आंगनबाड़ी), सुनीता चौहान, कलावती, रोशनी राणा, लोकेश, सलू , अनीता, संगीता (आशा), सुनीता, बबीता, मालती, सीमा,ऊषा (भोजन माता) सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं ।

