आवाज़: प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे राजस्व ग्राम की मांग, लंबे समय से आंदोलनरत हैं बापूग्राम के लोग
ऋषिकेश। वन भूमि सर्वे से प्रभावित क्षेत्र को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखी जाएगी। 14 अप्रैल को देहरादून में पीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम में बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य भी शामिल होंगे। रविवार को महासभा में इसका निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि 93 दिनों के आंदोलन के बावजूद अभी तक इस मामले में राज्य सरकार ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। बापूग्राम स्थित भूमियाल देवता मंदिर में रविवार को भी वन भूमि से प्रभावित ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के लोग जुटे। उन्होंने महासभा आयोजित कर कहा कि लंबे वक्त से आंदोलन के बीच उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर केंद्र में बात रखने वाले सांसद तक को मांग से अवगत कराया गया है। यह उनके जमीनी हक का मामला है, जिससे पीढ़ियां जुड़ी हुई हैं। जीवन की जमापूंजी खर्च करने के बाद आशियाना बनाया है, जिसे वनभूमि घोषित नहीं होने दिया जाएगा। दशकों से काबिज होने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई से मानसिक तनाव भी बढ़ गया है। समिति सदस्यों के साथ प्रभावित लोगों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि वह 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री के समक्ष इस मुद्दे का उठाएंगे, जिससे कि उन्हें राहत मिल सके। बोले, प्रभावित क्षेत्र को राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने तक वह आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। समिति अध्यक्ष रमेश जुगलान ने बताया कि 14 अप्रैल की सुबह नौ बजे प्रभावित लोग देहरादून के लिए कूच करेंगे। महासभा में मनोज गुसाईं, दिनेश चंद्र मास्टर, जयेंद्र रमोला, राजेश चमोली, दिगंबर उनियाल, अनिल रावत, सत्य कपरूवान, वीरेंद्र रमोला, सचवीर भंडारी, दिनेश व्यास, कमल देव सिमलटी, रामकुमार आदि शामिल रहे।
सर्वे की जद में नगर निगम के 12 वार्ड
नगर निगम का शिवाजीनगर, बापूग्राम, सुमन विहार, अमतिग्राम, मनसा देवी समेत 12 वार्ड वनभूमि सर्वे की जद में है। इसमें वन विभाग ने कई खाली भूखंडों पर विभागीय भूमि होने के बोर्ड भी चस्पा किए हैं। यह कार्रवाई पिछले साल मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद हुई थी, जिसमें 27 दिसंबर से सर्वे की कार्रवाई शुरू हुई थी। सर्वे का विरोध इतना बढ़ गया था कि 28 दिसंबर को बवाल और पत्थराव तक हो गया था, जिसमें सैंकड़ों पर चार मुकदमे तक पुलिस ने दर्ज कर लिए थे।रोजाना राजस्व ग्राम की मांग को जुट रहे लोगवनभूमि सर्वे का विरोध इसकी कार्यवाही के पहले दिन से ही हो रहा है। वनकर्मियों के सर्वे और भूमि पर कब्जा लेने के बाद बवाल हो चुका है, जिसके बाद से प्रभावित लोगों के आंदोलन का ठिकाना बापूग्राम स्थित भूमियाल देवता मंदिर बना हुआ है। इसमें रोजाना सैंकड़ों की संख्या में प्रभावित लोग जुट रहे हैं। उनकी मांग प्रभावित क्षेत्र को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की है, जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के नुमाइंदों से वह कई बार मिल चुका है। बावजूद, अब तक इस मामले में कोई हल नहीं निकल सका है। (फाइल फोटो)

