आगमन: पंख सुनहरे करने दून पहुंच गई सुर्खाब परिंदे …………..

आगमन: पंख सुनहरे करने दून पहुंच गई सुर्खाब परिंदे …………..
Spread the love

मनीषा सती
विकासनगर। देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व और उत्तराखंड की पहली रामसर साइट आसन वेटलैंड में प्रवासी परिंदों की चहचहाहट गूंजने लगी है। सर्दियों की दस्तक के साथ ही विदेशी मेहमानों का यहां पहुंचना शुरू हो गया है। सुर्खाब के बाद अब गैडवाल, कॉमन कूट, यूरेशियन विजन और वूली-नेक्ड स्टार्क ने भी आसन वेटलैंड में डेरा जमा लिया है। अभी तक प्रवासी परिंदों की संख्या बढ़कर करीब 300 पहुंच गई। पक्षियों की बढ़ती आमद से वेटलैंड की रौनक लौटने लगी है।
हर साल अक्टूबर से मार्च के आखिर तक आसन वेटलैंड प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना बना रहता है। इसके बाद अगले छह महीने स्थानीय प्रजातियों के पक्षी यहां प्रजनन और घोंसले बनाने की गतिविधियों में जुटे रहते हैं। फिलहाल पांच प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों और प्रकृति पर्यटकों में भी उत्साह बढ़ने लगा है।
आसन वेटलैंड में प्रवासी पक्षियों की आमद बढ़ने का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। जीएमवीएन के आसन रिसॉर्ट सेंटर में बोटिंग का आनंद लेने पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इससे गढ़वाल मंडल विकास निगम की आय बढ़ने की भी उम्मीद है। आने वाले दिनों में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ने के साथ यहां बर्ड वॉचिंग और प्राकृतिक पर्यटन का आकर्षण और बढ़ सकता है।
जनवरी 2026 में हुई विधिवत गणना के अनुसार, आसन वेटलैंड में 126 प्रजातियों के कुल 5,806 पक्षियों ने प्रवास किया था। वन विभाग के अधिकारियों को इस बार भी प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। आसन के रेंजर आनंद सिंह रावत और वन दरोगा प्रदीप सक्सेना के मुताबिक, इस बार प्रवासी पक्षियों ने शुरुआती दौर में ही यहां पहुंचना शुरू कर दिया है। ऐसे में आगामी महीनों में इनकी संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
आसन रामसर साइट में सुर्खाब, कॉमन ग्रीनशैंक, पलास फिश ईगल, एशियन वूली-नेक्ड स्टार्क, ग्रेट और लिटिल कॉर्मोरेंट, ग्रे हेरॉन, पर्पल हेरॉन, ग्रेट एग्रेट, किंगफिशर की विभिन्न प्रजातियां, नॉर्दर्न शावलर, गैडवाल, इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, टफ्टेड डक, बार-हेडेड गूज, मल्लार्ड, नॉर्दर्न पिंटेल, ग्रीन-विंग्ड टील, कॉमन पोचार्ड, फेरुजिनस डक, यूरेशियन मूरहेन, यूरेशियन कूट, ग्रे-हेडेड स्वैम्पहेन और कॉमन सैंडपाइपर समेत कई प्रजातियों के पक्षी प्रवास पर आते हैं। यही विविधता आसन वेटलैंड को पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए खास बनाती है।

Parvatanchal