आक्रोश: समाज में नफरत फैलाने वाले नेताओं व संगठनों पर हो कड़ी कार्रवाई, जन संगठनों ने उठाई मांग
देहरादून। उत्तराखंड इंसानियत मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने गुरुवार को प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर समाज में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानवता और सद्भाव के लिए नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई जरूरी है। संगठनों ने कहा कि उत्तराखंड जैसे शांत प्रदेश में भी नफरत बढ़ती जा रही है, यह भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के आदेश हैं, बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। केंद्र और राज्यों की सरकारों की चुप्पी से भी नफरत बढ़ रही है। कहा कि उत्तराखंड सरकार और प्रशासन राज्य में हिन्दुत्व समर्थकों की गैरकानूनी सांप्रदायिक गतिविधियों को नजरआंदाज कर रहा है। हिन्दुत्व संगठनों की ओर से सदियों से चले आ रहे सामाजिक सद्भाव को खत्म करने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। पहलगाम हमले के बाद सांप्रदायिक नफरत फैलाने का काम किया गया। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मौके पर एमपी में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान की भी निंदा की गई और बयान देने वाले मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी रवि चोपड़ा, किसान सभा के वीरेंद्र सजवाण, उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत व निर्मला बिष्ट, उत्तराखंड मसीहा समाज के एसएस चौहान, लताफत हुसैन, सपा के डॉ. एसएन सचान, कांग्रेस प्रवक्ता शीशपाल सिंह, सीपीएम के राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, जगमोहन मेंहदीरत्ता व विजय भट्ट आदि मौजूद रहे।

