आक्रोश: टैक्स में बढोत्तरी से परिवहन व्यवसायी खफा, आरटीओ को सौंपा ज्ञापन

आक्रोश: टैक्स में बढोत्तरी से परिवहन व्यवसायी खफा, आरटीओ को सौंपा ज्ञापन
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ऋषिकेश।  उत्तराखंड बस ऑपरेटर्स महासंघ लाभ वाले रूटों पर रोडवेज की अनुबंधित बसों के संचालन से नाराज है। परिवहन कारोबारियों ने सरकार से टैक्स में की गई वृद्धि भी वापस लेने की मांग उठाई है। चेताया कि सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उत्तराखंड बस ऑपरेटर्स महासंघ ने संभागीय परिवहन अधिकारी से मुलाकात की। कहा कि सरकार ने टैक्स में बढोत्तरी के साथ रोडवेज की अनुबंधित बसों को लाभ वाले रूटों पर संचालन की अनुमति दी है। टैक्स बढोत्तरी वाहन मालिकों के हित में नहीं है। किराये में बढोत्तरी के लिए अभी तक कोई विचार नहीं किया गया है। टीजीएमओसी के अध्यक्ष जितेन्द्र नेगी ने कहा कि ऋषिकेश से कोटद्वार, देहरादून से टिहरी, घनसाली, लंबगांव और जोशीमठ रूट पर रोडवेज की अनुबंधित बसों का संचालन उचित नहीं है। बस ऑपरेटर्स महासंघ वर्ष 1943 से पर्वतीय रूटों पर बसों का संचालन कर रहा है। जबकि रोडवेज का गठन 1962 में किया गया है। उन्होंने नए रूटों पर अनुबंधित बसों का संचालन बंद करने की मांग सरकार से उठाई है। परिवहन कारोबारियों ने संभागीय परिवहन अधिकारी से उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का अनुरोध किया। मौके पर यातायात संघ के निवर्तमान अध्यक्ष मनोज ध्यानी, प्यारेलाल जुगरान, भोपाल सिंह, योगेश उनियाल समेत कई लोग मौजूद रहे।
संभागीय परिवहन अधिकारी सुनील शर्मा का कहना है कि उत्तराखंड बस ऑपरेटर्स महासंघ की मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी। परिवहन व्यवसायियों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।    – सुनील शर्मा, संभागीय परिवहन अधिकारी, देहरादून

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