आक्रोश : चुनाव आयोग की भूमिका के विरोध में अब कांग्रेस चलाएगी ‘मेरा वोट मेरा अधिकार’’ कार्यक्रम

आक्रोश : चुनाव आयोग की भूमिका के विरोध में अब कांग्रेस चलाएगी ‘मेरा वोट मेरा अधिकार’’ कार्यक्रम
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देहरादून। मंगलवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के जिला एवं महानगर अध्यक्षगणों की बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा की अध्यक्षता तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य गणेश गोदियाल भी उपस्थित थे।

बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेशभर में आगामी तीन महीने तक चलाये जाने वाले ‘‘मेरा वोट मेरा अधिकार’’ कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड प्रदेश में एक अभियान चलायेगी जिसके तहत संविधान द्वारा हमें दिये गये वोट के अधिकार से भाजपा सरकार द्वारा चुनाव जीतने के लिए जनता को उसके अधिकार से वंचित करने के षड़यंत्र का पर्दाफाश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए एक षडयंत्र के तहत हमारा मताधिकार छीन रही है, जो लोग भाजपा की विचारधारा में विश्वास नहीं रखते हैं उनके नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं तथा बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की नफरत की, बेरोजगारी की और महंगाई की सरकार को हटाना चाहती है परन्तु भाजपा बाहर से फर्जी वोटर बनाकर असली वोटर के नाम काटकर लगातार जनता के अधिकार का हरण कर रही है चोरी कर रही है। इसका उदाहरण महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला है जब कांग्रेस गठबंधन की हार हुई। कांग्रेस की हार से देश में सबको हैरानी हुई हमें भी हैरानी हुई, क्योंकि कुछ ही माह पूर्व हुए लोकसभा चुनाव में हमारे गठबंधन को लगभग 156 विधानसभा सीटों पर बढत मिली थी परन्तु कुछ समय बाद हुए लोकसभा चुनाव में हमारे गठबंधन की करारी हार हुई, न जनता को समझ आया और न पत्रकारों को न हमें। जब हमने इसकी जांच की तो हमें पता चला कि महाराष्ट्र के अन्दर जितने वोट कांग्रेस गठबंधन को लोकसभा चुनाव में मिले उतने ही विधानसभा चुनाव में भी मिले कोई वोटर छोड़कर नहीं गया परन्तु भाजपा के वोट 70 लाख बढ़ गये क्योंकि 4 महीने के अन्दर उन्होंने 48 लाख वोटर बना दिये तथा 2 लाख डिलीट कर दिये और लगभग 20 लाख वोटर का बूथ शिफ्ट कर दिया। न्यायालय जाने पर भी चुनाव आयोग इस बारे में कोई जानकारी देने को तैयार नहीं है जिसके चलते हमने जनता की अदालत में जाने का फैसला किया है। नगर निकाय चुनाव और केदारनाथ उपचुनाव में जिन मतदाताओं के वोट काटे गये हैं और कैसे काटे गये हैं, चुनाव आयोग ने अपना काम ठीक से क्यों नहीं किया। चुनाव आयोग द्वारा वोटर के मौलिक अधिकारों को छीनने का काम किया गया है। नियमानुसार वोटर का वोट काटने से पहले उससे पूछा जाता है पर ऐसा नहीं हुआ। बीएलए को वोट काटने से पहले वोटर के पास जाना होता है। हम पूछेंगे कि बीएलए द्वारा गलत जानकारी क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि 15-20 साल से ऐसा कोई भी चुनाव नहीं हुआ जिसमें पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ता है परन्तु वह हार जाती है। केदारनाथ उपचुनाव में 6 माह में 10 प्रतिशत यानी 9.34 प्रतिशत वोटर बना दिया तथा 5 प्रतिशत काट दिया गया जिसके चलते कांग्रेस चुनाव हारी। हम इसकी भी जांच करेंगे और अपनी लड़ाई अंतिम मुकाम तक ले जायेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि जिला एवं महानगर अध्यक्षों की बैठक में जिला एवं महानगर अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि आगामी तीन महीने तक कांग्रेस पूरे प्रदेश में एक अभियान चलायेगी तथा इसके लिए व्हाट्सअप के माध्यम से भी आम जन से जानकारी ली जायेगी। उन्होंने कहा कि विगत लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में वोट डालने वाले मतदाताओं के नाम नगर निकायों की वोटर लिस्ट से हटा दिये गये जिसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त बी.एल.ओ. की कार्यप्रणाली तथा राज्य निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता तथा पारदर्शिता पर भी प्रश्न चिन्ह लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा देहरादून नगर निगम के लिए 16 अगस्त 2024 को जारी वोटर लिस्टों में जिन वोटरों के नाम शामिल थे, उनके नाम माह दिसम्बर 2024 को जारी वोटर लिस्ट में हटा दिये गये, जो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है तथा इसकी निष्पक्ष जांच होनी नितांत आवश्यक है। जिलाध्यक्षों की आज हुई बैठक में निर्देश दिये गये हैं कि हर पोलिंग बूथ से 20 ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार की जाय जिनके वोट इन निकाय चुनावों और केदारनाथ उपचुनाव में काटे गये हैं और बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गये हैं। इसके लिए 21 एवं 20 मार्च को पार्टी हाईकमान के निर्देश पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि संविधान में हमें अधिकार दिये गये हैं, उसी में वोट का अधिकार भी है। भाजपा द्वारा पिछले कुछ चुनावों में उन अधिकारों का हनन किया गया और हमें मतदान से वंचित करने का लगातार काम होता रहा है। भाजपा मतदाता को उसके अधिकारों से वंचित कर सत्ता पर काबिज रहना चाहती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से वोटरों के नाम काटने के साथ ही बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गये हैं तथा कुछ वोटरों के मतदान स्थल शिफ्ट कर दिये गये।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं सीईसी सदस्य प्रीतम सिंह ने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव और नगर निकाय में मतदाताओं के नाम काटे गये हैं और यह कार्य सरकार के इशारे पर हुआ है। सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किया गया। भाजपा ने सत्ता के बल पर जीतने का काम किया जहां केदारनाथ उपचुनाव में वोट काटे गये तथा फर्जी वोट जोड़े गये वहीं नगर निकाय चुनाव में मतदान केन्द्र बदल कर वोटर को वोट देने से वंचित किया गया। भाजपा ने इन चुनावों में लोकतंत्र पर प्रहार कर उसकी हत्या करने का काम किया गया है। हम चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हाईकमान ने 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस जांच अभियान के लिए उत्तराखंड राज्य को नम्बर एक पर रखा है। हम कांग्रेस हाईकमान के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि हमने भाजपा की इस तथाकथित चोरी को प्रूफ के साथ पकड़ा है। हम भाजपा के इस षड्यंत्र को जनता की अदालत में लेजाकर प्रतिकार करेंगे।
बैठक में जिलाध्यक्ष भगत सिंह डसीला, मुकेश नेगी, डॉ जसविंदर सिंह गोगी, मोहित उनियाल, राजीव चौधरी, राजेन्द्र चौधरी, राहुल छिमवाल, विनोद नेगी, विनोद डबराल, कुंवर सिंह सजवाण, उत्तम सिंह असवाल, मुशर्रफ हुसैन, सीपी शर्मा, हिमांशु गाबा, मनीष राणा, दिनेश चौहान आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

 

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