बेलगाम : जौनसार क्षेत्र की सड़कों पर नहीं रुक रही ओवरलोडिंग, लोगों की जान से खिलवाड़
विकासनगर। जौनसार-बावर में हर रूट पर ओवरलोड वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें मानक से कई गुना अधिक सवारियां बिठाई जा रहीं हैं। ग्रामीण गाड़ियों की छतों पर जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। एआरटीओ की चेकिग भी यहां पर बेअसर है। ओवरलोडिंग के कारण जनजाति क्षेत्र में आए दिन हादसे होते रहते हैं। इनमें कई लोग जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद इन हादसों से सबक लेने को न यात्री तैयार हैं और न प्रशासन। स्थानीय लोगों द्वारा हर रूट पर निजी व रोडवेज बसों के संचालन की मांग पर भी शासन ध्यान नहीं दे रहा है। जौनसार बावर के रूटों पर आवागमन के लिए पर्याप्त साधन न होना बसों और जीपों में ओवरलोडिंग का प्रमुख कारण है। कालसी- बैराटखाई, कालसी-चकराता, साहिया-क्वानू, साहिया-समाल्टा, चकराता-लाखामंडल, कालसी-नागथात, चकराता-मसूरी मोटर मार्ग पर ओवरलोडिग की समस्या ज्यादा है। हादसों के बाद परिवहन विभाग और तहसील प्रशासन कुछ दिन कार्रवाई करते हैं। ओवरलोड वाहनों के चालान काटे जाते हैं। कुछ दिनों में प्रशासन की सक्रियता कम होने के बाद वाहन चालक पुराने ढर्रे पर आ जाते हैं। बीते पांच वर्षों के सड़क हादसों के आंकड़ों पर गौर करें तो ओवरलोडिंग से हुए हादसों में 70 से अधिक लोग असमय मौत के मुंह में समा चुके हैं। इसके बावजूद ओवरलोडिग रोकने के लिए प्रशासन व एआरटीओ गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों मोहन लाल, सतपाल राय, अमर सिंह चौहान, नारायण सिंह और वीरेंद्र सिंह का कहना है कि पर्याप्त बसों का संचालन नहीं होने से लोगों का वाहनों की छतों पर बैठकर सफर करना मजबूरी है। लोग प्रशासन से हर रूट पर बसों का संचालन कराने की मांग करते रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उधर, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग को चालान करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।

