प्रतिभा: दुर्गोत्सव पर छाएगा सीएम ममता के 17 गीतों का जलवा, 15 सौ कविताएं भी लिख चुकीं हैं अब तक

प्रतिभा: दुर्गोत्सव पर छाएगा सीएम ममता के 17 गीतों का जलवा, 15 सौ कविताएं भी लिख चुकीं हैं अब तक
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कोलकाता। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। साहित्य, चित्रकला हो या संगीत तमाम क्षेत्रों में उनकी एक अलग पहचान है। ऐसे में दुर्गा पूजा के अवसर पर ममता बनर्जी इस बार अपने गीतों का विशेष तोहफा देने जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार कुल 17 गीत उनके द्वारा लिखे और प्रस्तुत किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्टाफ रिक्रिएशन क्लब के एक कार्यक्रम में शामिल होकर इसकी जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि उत्तर कोलकाता के मशहूर टाला प्रत्यय पूजा पंडाल का थीम सांग भी इस बार ममता बनर्जी लिख सकती हैं। हालांकि किस गीत को थीम के रूप में चुना जाएगा, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि सही समय पर वह गीत सार्वजनिक किया जाएगा। इससे पहले दक्षिण कोलकाता के मशहूर सूर संघ पूजा का थीम सांग भी ममता बनर्जी लिख चुकी हैं। पिछले कई वर्षों से वह लगातार सूरतिच संघ के लिए गीत लिखती रही हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने स्पेन यात्रा के दौरान “मां, तुम्हारा इतना रूप पहले कभी नहीं देखा…” जैसे लोकप्रिय गीत की रचना की थी। ममता के लिखे और संगीतबद्ध गीतों को अब तक श्रेया घोषाल, कुमार शानू, शान, जीत गांगुली और पलक मुच्छल जैसे प्रसिद्ध गायक -गायिकाएं अपनी आवाज दे चुके हैं। अब संभावना है कि इस सूची में टाला प्रत्यय का नाम भी जुड़ जाएगा।
दुर्गा पूजा पर गीतों के अलावा ममता बनर्जी ने हाल ही में बंगाली अस्मिता और भाषा पर हमले को लेकर भी एक गीत लिखा है। इस गीत की पंक्तियां हैं – “उठो वज्र कंठ से, गाओ बंगाल का गीत, आओ रक्षा करो भाषा का सम्मान…”। इस गीत को राज्य के मंत्री इंद्रनील सेन ने स्वर दिया है। मुख्यमंत्री सिर्फ गीत ही नहीं, बल्कि कविताएं भी लिखती हैं। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 1500 कविताएं वह लिख चुकी हैं। इस बार दुर्गा पूजा के अवसर पर उनके लिखे कुल 17 गीत जनता तक पहुंचेंगे, जिन्हें पूजा पंडालों और समारोहों में सुना जा सकेगा।

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