राहत: पैदल मार्ग खुलने पर यात्रियों ने ली राहत की सांस,चार हजार से अधिक यात्री पहुंचे यमुनोत्री
उत्तरकाशी। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर आवाजाही सुचारू होने के बाद जगह-जगह रोके गए यात्रियों ने राहत की सांस ली। बुधवार को सुबह पैदल मार्ग पर जारी रेस्क्यू कार्य के बीच यात्रियों को यमुनोत्री धाम जाने दिया गया। जिससे पिछले दो दिन से यमुनोत्री दर्शन के लिए इंतजार में खड़े यात्री खुश नजर आए। उत्तरप्रदेश के बलिया से आए अंजनी कुमार, इंदौर से राजकुमार आदि ने बताया कि मंगलवार को बड़कोट से यमुनोत्री की यात्रा पर जाना था, लेकिन मार्ग बंद होने की वजह से दोबाटा में रोके गए थे। बुधवार सुबह जैसे ही पैदल मार्ग पर आवाजाही चालू हुई, यात्री धाम दर्शन के लिए निकल पड़े। मार्ग चालू होने पर यात्रियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। दो दिन से यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे थे। पैदल मार्ग बंद होने से जगह-जगह रोके गए यात्री गाड़ियों में बैठकर परेशान रहे। बुधवार सुबह उन्होंने राहत की सांस ली। हालांकि, मार्ग पर रेस्क्यू कार्य अभी भी जारी है।
बुधवार को मार्ग खुलते ही यमुनोत्री धाम के दर्शन को करीब चार हजार से अधिक यात्री पहुंचे, जो कि आम दिनों के मुकाबले लगभग दोगुनी संख्या रही। बुधवार सुबह को जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच जिला प्रशासन ने यमुनोत्री पैदल मार्ग को आवाजाही के लिए खोलने का निर्णय लिया। जिसके बाद जगह-जगह रोके गए यात्री जानकीचट्टी में एकत्रित हुए। जानकीचट्टी में सुबह से ही लंबी कतार के बीच धीरे-धीरे करके यात्रियों को यमुनोत्री पैदल मार्ग से धाम दर्शन के लिए रवाना किया गया। घंटों इंतजार के बाद करीब चार हजार से अधिक यात्री दर्शन के लिए जा पाए। थानाध्यक्ष बड़कोट दीपक कठैत ने बताया कि जानकीचट्टी से सुबह सात से आठ बजे के बीच यात्रियों को दर्शन के लिए मार्ग पर आवाजाही की अनुमति दी गई थी। दो दिन से यात्रा के इंतजार में यात्रियों को धीरे-धीरे करके पैदल मार्ग पर धाम दर्शन के लिए जाने दिया गया।

