शिकंजा: पैरोल मिलने के बाद से फरार चल रहा था कैदी, पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर आ गया पकड़ में
हत्या मामले में साथियों सहित काट रहा था उम्र कैद की सजा
हरिद्वार। हत्या के मामले में पैरोल मिलने के बाद फरार चल रहा कैदी पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। जिसके पास से एक तमंचा व कारतूस बरामद किया गया है। हालांकि उसका एक साथी फरार होने में कामयाब रहा जिसकी तलाश जारी है। आरोपी हरियाणा में हत्या के मामले में साथियों सहित उम्रकैद की सजा काट रहा था। जो पैराल मिलने के बाद कई साल से फरार चल रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि बीती रात करीब एक बजे थाना बहादराबाद पुलिस गश्त पर थी। इस दौरान जब पुलिस बहादराबाद लोहे के पुल से होते हुए नहर पटरी मार्ग पर पहुंची तो उसे रानीपुर झाल से पहले लोहे के पुल के पास नहर पटरी पर सामने से दो व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए जिनमें से एक व्यक्ति ने पुलिस को अपनी तरफ आता हुआ देखकर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी जवाबी कार्यवाही करते हुए फायरिंग की। इस दौरान एक व्यक्ति मौके से अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गया जबकि एक व्यक्ति के पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके पास जाने पर पास ही झाड़ियां में एक तमंचा देसी 315 बोर मय एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। घायल व्यक्ति को चारों तरफ से घेरकर नाम पता पूछा गया तो उसने अपना नाम विनोद उर्फ विक्की पुत्र रामपाल, निवासी ग्राम मोखरा खेड़ी, थाना बहु अकबरपुर, जिला रोहतक हरियाणा बताया। पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2007 में उसके गांव में ही नसीब पुत्र गौरम रहता था जिसकी आरोपी के भाइयों और उससे रंजिश चली आ रही थी। जिसका आरोपी एवं उसके भाई अशोक पुत्र रामपाल, विनोद पुत्र रामपाल, कुलदीप पुत्र आजाद, रमेश पुत्र काला ने मिलकर 2007 में मर्डर कर दिया था। आरोपी तब से रोहतक जेल में बंद था तथा सितंबर 2023 में अपने माता-पिता की देखभाल के लिए 21 दिन की पैरोल पर छूटकर आया था। पैरोल मिलने के बाद वह कई जगहों पर अपनी पहचान बदल-बदल कर रह रहा था और अभी कुछ दिन पहले ही हरिद्वार आकर दौलतपुर गांव में अपनी पहचान छुपा कर रह रहा था। आरोपी ने बताया कि आज उसे लगा कि शायद पुलिस को उस पर शक हो गया है और पुलिस उसे पकड़ने आ रही है, इसलिए अपने बचने एवं भागने के लिए उसने तमंचे से फायर कर दिया। घायल बदमाश से दो फर्जी आईडी भी बरामद की गयी हैं।

