बड़ी खबर: जुड़वां बच्चियों की हत्या का खुलासा, मां ने ही झल्लाहट में घोंट दिया था दोनों का गला
हरिद्वार। गुरुवार को ज्वालापुर के धीरवाली क्षेत्र में छह माह की जुड़वां बच्चियों की हत्या उनकी ही मां ने की थी। पुलिस ने आरोपित मां को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पड़ताल में सामने आया कि कम उम्र होने के चलते मां उनकी देखभाल नहीं कर पा रही थी, इसलिए परेशान होकर उसने दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि महेश सकलानी निवासी हवेली चंबा, यहां सिडकुल की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। ज्वालापुर के धीरवाली के पास उन्होंने किराए पर एक मकान लिया हुआ है। छह माह पूर्व उनकी पत्नी शिवांगी ने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था।
डिस्ट्रिक कंट्रोल रूम के माध्यम से कोतवाली नगर हरिद्वार से सूचना मेमो प्राप्त हुआ कि दो जुड़वां लड़कियों को मृत अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महेश सकलानी पुत्र रामदेव सकलानी, निवासी ग्राम हवेली थाना चंबा (टिहरी गढ़वाल), हाल निवासी धीरवाली, कोतवाली ज्वालापुर जनपद हरिद्वार के द्वारा अपनी बच्चियों की हत्या की आशंका जताते हुए कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा प्रकरण के संबंध में एसपी सिटी से वार्ता की गई और सीओ ज्वालापुर को हर पहलू पर जाँच करते हुए घटना के सही अनावरण हेतु निर्देशित किया एवं काम कर रही टीमों से समय-समय पर स्वयं वार्ता की गई। वादी महेश सकलानी ने पुलिस तहरीर में बताया कि 6 मार्च को सिडकुल में कंपनी में काम करने गया था। तभी उसे फोन आया कि उसकी दोनों जुड़वा बच्चियों की तबीयत खराब है। वह आनन फानन में घर पहुंचा, इस दौरान उसकी पत्नी दोनों बच्चियों को रानीपुर मोड़ स्थित देवभूमि अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसने तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी के अनुसार वह दोनों बच्चियों को सुलाकर घर का दरवाजा बंद कर दूध देने के लिए गई थी। जब कुछ देर बाद वापस घर लौटी तो दोनों बच्चियां बेहोश मिलीं। इसके बाद वह पड़ोसियों के साथ उन्हें अस्पताल ले गई थी। इसके बाद वादी की पत्नी से महिला पुलिस ने गहन पूछताछ की, जिसके बाद वादी की पत्नी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसकी दोनों जुड़वां बच्चियां रात-दिन अक्सर रोती रहती थीं, जिसके चलते उसे जरा सा भी आराम नहीं मिल पाता था। पुलिस के अनुसार कम उम्र व साथ में कोई परिजन न होने की वजह से उसका चिड़चिड़ापन बढ़ता गया। रात में नींद/आराम पूरा न होने के कारण आरोपी महिला ने गुस्से व झल्लाहट में बार-बार रो रही बच्चियों को पहले रजाई से दबाया लेकिन उनके ज्यादा चिल्लाने पर स्कार्फ/चुन्नी से गला दबाकर बच्चियों की हत्या कर दी और सुबह के समय दूध लेने के लिए और दिनों की भांति घर से निकल गयी थी।

